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अखिलेश यादव
Lucknow : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी करीब नौ महीने का समय बाकी है। उससे पहले ही प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गर्म हो गई है। लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ऐसा बयान दिया, जिसने राजधानी लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज कर दी। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार नवंबर की जगह सितंबर में ही विधानसभा चुनाव कराना चाहती है तो करा ले, समाजवादी पार्टी हर समय चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी की चर्चा अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। उनका दावा था कि इस बार भाजपा को न चंदा मिलेगा, न दान, न चढ़ावा और न ही वोट। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का पहला नाम मर्यादा है और दूसरा नाम संविधान। आरोप लगाया कि सरकार ने आस्था, श्रद्धा, मर्यादा और संविधान, सभी के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो काम वोट से नहीं हो पा रहा, उसे डर और दबाव की राजनीति से पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
कमाल अख्तर के इस्तीफे के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने पार्टी के फैसले को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि कमाल अख्तर समाजवादी पार्टी के पुराने और वरिष्ठ नेता हैं तथा एक समय देश के सबसे युवा राज्यसभा सांसद भी रहे हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने सिद्धार्थनगर के संदीप यादव हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस का रवैया "हथेली गरम, पुलिस नरम" वाला हो गया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने इतना भ्रष्टाचार पहले कभी नहीं देखा।
Location : Lucknow
Published : 2 July 2026, 4:47 PM IST