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प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- Pinterest)
Lucknow: लखनऊ में पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 119 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अमेरिकी नागरिकों से 250 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। इस गिरोह का नेटवर्क लखनऊ के अलावा देश के पांच से अधिक राज्यों और विदेशों तक फैला हुआ है।
कमिश्नरेट लखनऊ की साइबर सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने एक बड़ी और सुनियोजित कार्यवाही को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने 1 जुलाई को विभूतिखण्ड स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें फ्लोर पर छापा मारा, जिससे वहां खलबली मच गई। यह कॉल सेंटर जनवरी 2025 से बिना किसी नाम और बोर्ड के चुपचाप चलाया जा रहा था। पुलिस को करीब 15 दिन पहले इस नेटवर्क के बारे में इनपुट मिला था, जिसके बाद से टीम इसकी निगरानी कर रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस फर्जी कॉल सेंटर को चलाने वाली कंपनी की नेट वर्थ 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की है। इस कॉल सेंटर का मालिक विनीत शर्मा है। विनीत ठगी की रकम को सीधे भारत न मंगाकर, तीन अलग-अलग देशों से होते हुए हवाला के जरिए यहां मंगाता था। पुलिस अब कंपनी के अन्य साझेदारों, संचालकों और इस पूरे अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनका उपयोग साइबर अपराध में किया जा रहा था-
यह गिरोह मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के बुजुर्गों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी भारत की प्रतिष्ठित कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के नाम पर लोगों को फोन करते थे।
कर्मचारी अमेरिकी नागरिकों को फोन करके उनके बैंक खाते से पैसे कटने, तकनीकी समस्या, पोर्नोग्राफी या अन्य वित्तीय जोखिम का झांसा देते थे। फिर मदद करने के बहाने उन्हें बदनामी का डर दिखाया जाता था। इसके बाद सरकारी निगरानी और जांच से बचने के लिए वे गिफ्ट कार्ड, डिजिटल कूपन और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पैसे वसूलते थे।
कॉल सेंटर का संचालन 'सोलारिस साल्यूशन' के नाम से हो रहा था। पुलिस ने अहमदाबाद के रहने वाले दो ऑपरेशन मैनेजरों- ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को हिरासत में लिया है।
इस कॉल सेंटर में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी पूर्वोत्तर राज्यों के हैं। इन कर्मचारियों को अमेरिकी नागरिकों से बात करने के लिए करीब ढाई महीने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी। इन्हें 30 से 40 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था और साथ ही ठगी की रकम पर लगभग 10 प्रतिशत तक का कमीशन भी दिया जाता था। इस भारी कमीशन की वजह से कई कर्मचारी हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपये तक कमा रहे थे।
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पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों की सूची इस प्रकार है-
ललित खैराजानी: पुत्र अशोक कुमार नारायणदास खैराजानी, निवासी- अहमदाबाद, गुजरात (हाल पता- गोमतीनगर एक्सटेंशन, लखनऊ)। उम्र 41 वर्ष, शिक्षा- बीकॉम। (ऑपरेशन मैनेजर)
विक्रम सिंह परमार: पुत्र मानसिंह जी परमार, निवासी- अहमदाबाद, गुजरात (हाल पता- गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ)। उम्र 39 वर्ष। (ऑपरेशन मैनेजर)
दीपक मिश्रा: पुत्र कृपाशंकर मिश्रा, निवासी- पालघर, महाराष्ट्र (हाल पता- गोमतीनगर एक्सटेंशन, लखनऊ)। उम्र 28 वर्ष, शिक्षा- 12वीं।
देवानंद दुबे (डुनडुन): पुत्र मुकेश दुबे, निवासी- पालघर, महाराष्ट्र (हाल पता- गोमतीनगर एक्सटेंशन, लखनऊ)। उम्र 25 वर्ष, शिक्षा- 12वीं।
साहिल अजय गिरी: पुत्र अजय गिरी, निवासी- मानिकपुर, वसई वेस्ट।
नेविन कुमार: पुत्र राजेश्वर प्रसाद राजेश, निवासी- रांची, झारखंड (हाल पता- सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ)। उम्र 24 वर्ष, शिक्षा- एलएलबी।
गोस्वामी हेतभारथी: पुत्र राजेश भाई, निवासी- भावनगर, गुजरात (हाल पता- गोमतीनगर एक्सटेंशन, लखनऊ)। उम्र 24 वर्ष, शिक्षा- 10वीं।
जेवियर: पुत्र पीटर, निवासी- अहमदाबाद, गुजरात (हाल पता- विभूतिखण्ड, लखनऊ)। उम्र 27 वर्ष, शिक्षा- 12वीं।
सोनू कुमार सिंह: पुत्र स्व० जितेन्द्र सिंह, निवासी- हजारीबाग, झारखंड (हाल पता- विभूतिखण्ड, लखनऊ)। उम्र 25 वर्ष, शिक्षा- 11वीं।
हर्ष शर्मा: पुत्र राजकुमार शर्मा, निवासी- नागौर, राजस्थान (हाल पता- गोमतीनगर एक्सटेंशन, लखनऊ)। उम्र 27 वर्ष, शिक्षा- बीएससी।
सिद्धार्थ ठाकुर: पुत्र मिस्टर राजपाल, निवासी- ऋषिकेश, देहरादून (हाल पता- गोमतीनगर एक्सटेंशन, लखनऊ)। उम्र 28 वर्ष, शिक्षा- बीबीए।
ओमप्रकाश गुप्ता: पुत्र स्व० अरुण गुप्ता, निवासी- अलीपुरद्वार (हाल पता- गोमतीनगर, लखनऊ)। उम्र 24 वर्ष, शिक्षा- 12वीं।
ध्रुव प्रजापति: पुत्र मनीष प्रजापति, निवासी- अहमदाबाद, गुजरात (हाल पता- सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ)। उम्र 22 वर्ष, शिक्षा- बैचलर।
यांशुथुंग यंथन: पुत्र रिचर्ड, निवासी- वोखा, नागालैंड (हाल पता- सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ)। उम्र 29 वर्ष, शिक्षा- प्लास्टिक इंजीनियरिंग।
अभिषेक मौर्या: पुत्र उमेश मौर्या, मूल निवासी- बस्ती (हाल पता- गोमतीनगर, लखनऊ)। उम्र 30 वर्ष, शिक्षा- बीकॉम।
अभिषेक संजय सिंह: पुत्र संजय सिंह, निवासी- ठाणे, महाराष्ट्र (हाल पता- गोमतीनगर, लखनऊ)। उम्र 26 वर्ष, शिक्षा- 12वीं।
सूरज एश: पुत्र बिभास एश, निवासी- ठाणे, महाराष्ट्र (हाल पता- गोमतीनगर, लखनऊ)। उम्र 26 वर्ष, शिक्षा- 12वीं।
अंश श्रीवास्तव: पुत्र संजय श्रीवास्तव, निवासी- जयपुर, राजस्थान (हाल पता- गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ)। शिक्षा- 10वीं।
आशू पमार: पुत्र पूरम सिंह पमार, निवासी- जयपुर, राजस्थान (हाल पता- गोमतीनगर, लखनऊ)। उम्र 20 वर्ष, शिक्षा- बीबीए।
प्रभात थापा: पुत्र प्रीतम थापा, निवासी- अरुणाचल प्रदेश (हाल पता- ओमेक्स पैलेस, लखनऊ)। उम्र 26 वर्ष, शिक्षा- 12वीं।
तिदेलुंग: पुत्र गाइचांगसुई, निवासी- तामेंगलोंग, मणिपुर (हाल पता- सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ)। उम्र 27 वर्ष, शिक्षा- बीएससी बॉटनी।
मुकेश शुक्ला: पुत्र सुभाषचन्द्र शुक्ला, निवासी- गोरखपुर (हाल पता- गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ)। उम्र 34 वर्ष, शिक्षा- बीटेक।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार के पर्यवेक्षण, पुलिस उपायुक्त अनिल कुमार यादव के मार्गदर्शन और अपर पुलिस उपायुक्त किरन यादव (IPS) के नेतृत्व में साइबर सेल और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की है। इस नेटवर्क से जुड़े बाकी आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
Location : Lucknow
Published : 2 July 2026, 4:22 PM IST
Topics : Cyber Crime Cell International Call Center Busted Lucknow Cyber Fraud Summit Building Raid USA Citizens Scam
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