यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मायावती ने फिर उठाया बैलेट पेपर का मुद्दा, कहा- चंद्रशेखर को EVM धांधली से मिली जीत

बसपा प्रमुख मायावती ने एक बार फिर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले EVM का मुद्दा उठाया है। मायावती ने कहा है कि बैलेट पेपर से चुनाव होने चाहिए। साथ में बसपा सुप्रीमो ने ईवीएम में धांधली का आरोप लगाया है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 28 September 2026, 1:18 PM IST
google-preferred

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा देने वाला बयान दिया। उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की लोकसभा जीत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें EVM में धांधली के जरिए चुनाव जिताया गया। मायावती ने दावा किया कि नगीना क्षेत्र में चंद्रशेखर का कोई बड़ा जनाधार नहीं था। हालांकि, उनके आरोपों पर चंद्रशेखर आजाद की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

EVM को लेकर फिर मायावती हुई गुस्सा

लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में न्यूज एजेंसियों से बातचीत करते हुए मायावती ने EVM के इस्तेमाल को लेकर पार्टी के पुराने रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि बसपा शुरुआत से ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती रही है। मायावती ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग को दी गई है और हर मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट उसी उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में दर्ज हुआ है, जिसे उसने मतदान किया है।

'चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर नहीं होना चाहिए'

बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में किसी भी तरह का संदेह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि ऐसी सभी आशंकाओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे जनता का विश्वास चुनाव व्यवस्था में बना रहे। उन्होंने कहा कि पहले देश में करीब पांच दशक तक बैलेट पेपर से चुनाव होते थे। उस दौरान मतपत्रों की गिनती राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होती थी। मायावती ने यह भी कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भाजपा ने भी EVM को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन सरकार में आने के बाद भाजपा ने इस व्यवस्था को जारी रखा।

दलित-पिछड़ों के वोट को लेकर जताई चिंता

मायावती ने कहा कि बसपा दबे-कुचले, दलित और अति पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए बनी पार्टी है। उन्होंने दावा किया कि EVM को लेकर इन वर्गों के बीच भी विश्वास की कमी की भावना बनी हुई है, जिसका असर मतदान के प्रति रुझान पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बसपा ने EVM व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद VVPAT व्यवस्था लागू हुई। हालांकि, मायावती ने कहा कि इससे भी उनकी सभी आशंकाएं खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि वोटों की गिनती के दौरान सभी VVPAT पर्चियों का मिलान नहीं किया जाता।

चंद्रशेखर आजाद पर लगाए आरोप

मायावती ने चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह भाजपा के इशारे पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर युवाओं को गुमराह करते हैं और बाद में वे कानूनी मामलों में उलझ जाते हैं। नगीना लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के टिकट पर जीत दर्ज की थी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 5,12,552 वोट मिले थे और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार ओम कुमार को 1,51,473 वोटों के अंतर से हराया था। चंद्रशेखर को कुल 51.19 प्रतिशत वोट मिले थे।

'विपक्ष में नाराजगी, चुनाव आयोग को कदम उठाने चाहिए'

मायावती ने कहा कि चुनाव से जुड़े कई मुद्दों को लेकर विपक्ष में नाराजगी है और ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगा और ऐसी व्यवस्था बनाएगा, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर सभी वर्गों का भरोसा कायम रह सके।

Location :  Lucknow

Published :  28 September 2026, 1:18 PM IST

Advertisement