मुजफ्फरनगर में 18 करोड़ की साइबर ठगी में हैरान करने वाली बातें

मुजफ्फरनगर में साइबर थाना पुलिस ने बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों की मदद करता था। जांच में 18 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी और 30 शिकायतों का खुलासा हुआ है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 22 April 2026, 6:05 PM IST
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Muzaffarnagar : साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर साइबर थाना पुलिस ने ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह देशभर में हो रही करोड़ों की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों का इस्तेमाल 18 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी में किया गया। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

मुजफ्फरनगर साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह साइबर अपराधियों को कमीशन के बदले म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इन खातों के जरिए ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता था और फिर उसे अलग-अलग माध्यमों से आगे पहुंचाया जाता था।

18 करोड़ की ठगी से जुड़े मिले बैंक खाते

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों में पिछले तीन महीनों के दौरान 80 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी से जुड़ी करीब 30 शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में कुल ठगी की रकम 18 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

पुलिस के अफसर ने बताया कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश, डिजिटल पेमेंट धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों में किया जा रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। जांच में पता चला कि आरोपी अपने बैंक खाते साइबर ठगों को 5 प्रतिशत कमीशन पर उपलब्ध कराते थे।

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खातों में आने वाले पैसों को निकालकर मुख्य आरोपी तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद इस रकम को क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया जाता था। जिससे रकम का ट्रैक करना और मुश्किल हो जाता था। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। साइबर थाना पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं और कितने बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया।

मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की जांच की जा रही है ताकि चैट, बैंकिंग डिटेल और लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूत जुटाए जा सकें। पुलिस अधिकारियों ने बताया साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  22 April 2026, 6:05 PM IST

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