साइबर ठगी का नया तरीका: बांदा में SIR वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर ठगी, पुलिस प्रशासन अलर्ट

बांदा में SIR वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर ठगों ने लोगों को धोखा देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने इसे पकड़कर तुरंत जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वेरिफिकेशन केवल BLO द्वारा घर पर किया जाता है, कभी फोन या ऑनलाइन लिंक के माध्यम से नहीं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 November 2025, 12:04 PM IST
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Banda: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के तहत साइबर ठगी के एक नए तरीके का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी कार्यालय और संबंधित विभागों द्वारा चलाए जा रहे SIR अभियान का फायदा उठाकर अपराधी खुद को सरकारी अधिकारी, BLO कर्मचारी या चुनाव विभाग का प्रतिनिधि बताकर लोगों से ठगी कर रहे थे। ठगों द्वारा फोन पर SIR वेरिफिकेशन के लिए OTP या आधार कार्ड की कॉपी मांगी जा रही थी।

कैसे होता SIR वेरिफिकेशन का काम

बांदा पुलिस ने इस ठगी के मामले में गंभीरता से कदम उठाते हुए साइबर ठगों के खिलाफ अलर्ट जारी किया है। एसपी पलाश बंसल ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क किया और जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। एसपी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि SIR वेरिफिकेशन का काम फोन, संदेश या ऑनलाइन लिंक के माध्यम से नहीं होता है। यह कार्य केवल BLO (Booth Level Officer) द्वारा घर पर जाकर किया जाता है।

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मिशन शक्ति के तहत जागरूकता अभियान

इस नए साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस विभाग ने मिशन शक्ति फेज 5 के तहत जागरूकता अभियान शुरू किया है। यह अभियान स्कूलों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर चलाया जा रहा है, जहां पुलिस टीमें लोगों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बता रही हैं। महिलाओं और लड़कियों को गुड टच-बैड टच, हेल्पलाइन नंबर और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।

साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की सख्त चेतावनी

एसपी पलाश बंसल ने साइबर ठगों को चेतावनी दी है कि यदि कोई ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा, व्यक्ति नजदीकी पुलिस थाने में भी जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस का दावा है कि जागरूकता अभियान के बाद जिले में फर्जी कॉल और ठगी की घटनाओं में कमी आई है। पुलिस ने यह भी कहा कि ATM PIN, OTP, आधार कार्ड डिटेल्स या बैंक पासबुक डिटेल्स कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। पुलिस का कहना है कि इस तरह की जालसाजी को रोकने के लिए समुदाय को जागरूक करना बहुत जरूरी है।

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साइबर ठगी का शिकार न हो

अब तक साइबर ठग कई तरीके से लोगों को धोखा दे चुके हैं, जैसे कि बैंक KYC, लोन और नौकरी के नाम पर ठगी करना। अब सिटीजन सर्विस जैसे SIR वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में भी ठगी का नया तरीका सामने आया है। ठगों के इस नए तरीके से बचने के लिए पुलिस ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की जालसाजी से बचने के लिए हर व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए OTP या लिंक पर क्लिक न करें। अगर किसी को संदेह हो तो पुलिस से तुरंत संपर्क करें और अपनी जानकारी सुरक्षित रखें।

Location : 
  • Banda

Published : 
  • 29 November 2025, 12:04 PM IST