मैनपुरी में अंधविश्वास का बड़ा खुलासा, आस्था के सहारे चल रहा झाड़-फूंक का कारोबार

मैनपुरी जनपद के बिछवा थाना क्षेत्र के ग्राम खटाना में आस्था के नाम पर लोगों के साथ खिलवाड़ का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव के एक छोटे से मंदिर में कथित तांत्रिक द्वारा गंभीर से गंभीर बीमारियों का झाड़–फूंक कर इलाज करने का दावा किया जा रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 November 2025, 1:55 PM IST
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Mainpuri: मैनपुरी जनपद के बिछवा थाना क्षेत्र के ग्राम खटाना में आस्था के नाम पर लोगों के साथ खिलवाड़ का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव के एक छोटे से मंदिर में कथित तांत्रिक द्वारा गंभीर से गंभीर बीमारियों का झाड़–फूंक कर इलाज करने का दावा किया जा रहा है। रोजाना दर्जनों लोग अपनी समस्याओं से परेशान होकर मंदिर पहुंच रहे हैं और 350 रुपये देकर इलाज करवाते दिखाई देते हैं। तांत्रिक का दावा है कि उनकी सात पीढ़ियों से यह “उपचार” किया जाता आ रहा है।

बीमारियों से परेशान लोग मंदिर में उमड़ रहे

ग्राम खटाना स्थित एक छोटे से मंदिर में रोजाना अनेक लोग अपनी-अपनी बीमारियों के इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। कैमरे में कैद दृश्य में देखा जा सकता है कि मंदिर का मालिक हवन-पूजन करता दिखाई देता है। देवी की प्रतिमा के सामने विशेष प्रकार का हवन कर वह मरीजों की बीमारी दूर करने की बात कहता है।

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लोगों की मान्यता है कि जहां अस्पताल और दवाइयों से आराम नहीं मिला, वहां यह झाड़–फूंक उन्हें राहत दे सकती है। कई मरीज दूर-दराज क्षेत्रों से सिर्फ इसी उम्मीद में यहां पहुंचते हैं। हर मरीज से 350 रुपये “माता के नाम” शुल्क लिया जाता है।

तांत्रिक कुम्मन सिंह, जो खुद को मंदिर का भगत बताते हैं, दावा करते हैं कि वह सात पीढ़ियों से काली माता की पूजा और झाड़–फूंक द्वारा लोगों की बीमारियों का इलाज करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि जो भी यहां इलाज के लिए आता है, वह ठीक होकर ही जाता है। वह इस कार्य को परंपरा और श्रद्धा का हिस्सा बताते हैं।

लेकिन जिस प्रकार बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा सुविधाओं के बजाय ऐसे अप्रमाणित तरीकों के भरोसे पहुंच रहे हैं, वह चिंता का विषय है। झाड़–फूंक जैसे तरीके न केवल वैज्ञानिक रूप से गलत हैं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरे भी हो सकते हैं।

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मामले में एक महिला, सावित्री देवी, जो अपने पुत्र का इलाज कराने आई थीं, ने बताया कि उनके बेटे के पेट में लगातार दर्द और सूजन रहती है। डॉक्टरों को भी दिखाया लेकिन कोई राहत नहीं मिली। किसी परिचित ने उन्हें बताया कि खटाना के भगत झाड़–फूंक से इलाज करते हैं। इसी विश्वास के साथ वह पूजा–सामग्री लेकर मंदिर पहुंची। उन्होंने यह भी बताया कि यहां इलाज के नाम पर 350 रुपये शुल्क लिया जाता है।

ग्राम खटाना का यह मामला सवाल खड़े करता है कि जब स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर होती हैं, तो लोग झाड़ फूंक जैसे अवैज्ञानिक और जोखिम भरे तरीकों पर निर्भर होने लगते हैं। आस्था का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन बीमारी के इलाज के नाम पर लोगों से पैसा लेना और बिना वैज्ञानिक प्रमाण के झाड़ फूंक करना निश्चित रूप से आस्था से खिलवाड़ है।

Location : 
  • Mainpuri

Published : 
  • 27 November 2025, 1:55 PM IST

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