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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत महराजगंज में प्रशासन ने दोपहिया वाहन डीलरों की बैठक कर हेलमेट अनिवार्यता और सड़क नियमों के पालन पर सख्ती के संकेत दिए हैं।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को लेकर बैठक
Maharajganj: महराजगंज की सड़कों पर हर दिन लापरवाही की रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है। बिना हेलमेट फर्राटा भरते दोपहिया वाहन, नियमों को ठेंगा दिखाते चालक और पलभर में उजड़ते परिवार- यही हालात राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान भी चिंता बढ़ा रहे हैं। इन्हीं हादसों की बढ़ती कड़ी को तोड़ने के लिए प्रशासन ने अब सीधे वाहन डीलरों की जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के सप्तम दिवस पर महराजगंज में दोपहिया वाहन डीलरों की अहम बैठक बुलाई गई।
बैठक का मकसद साफ था- सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को नियमों की अहमियत समझाना। जिले के लगभग सभी प्रमुख दोपहिया वाहन विक्रय प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए। शुभम हीरो, बंदना टीवीएस, वैष्णवी टीवीएस, नमन मोटर्स, निहाल होंडा, आरके मोटर्स, एसके बजाज और चंद्रा टीवीएस जैसे डीलरों की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि अब जिम्मेदारी सिर्फ चालकों तक सीमित नहीं रहने वाली।
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बैठक की अध्यक्षता कर रहे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) ने दो टूक कहा कि अब हर दोपहिया वाहन की बिक्री के साथ मानक के अनुसार हेलमेट देना अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट वाहन बेचने को लापरवाही माना जाएगा। अधिकारियों ने डीलरों से साफ शब्दों में कहा कि वे ग्राहकों को सिर्फ बाइक की चाबी नहीं, बल्कि सुरक्षा की समझ भी दें। ग्राहक को यह बताया जाए कि हेलमेट पहनना कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जान बचाने का सबसे मजबूत कवच है।
अधिकारियों ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि ज्यादातर सड़क हादसों में मौत की वजह सिर में गंभीर चोट होती है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक टाला जा सकता है। इसके बावजूद लोग नियम तोड़ते हैं और डीलर भी कई बार चुप्पी साध लेते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब व्यवसाय के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट जरूरी है। वहीं चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक करने की बात कही गई। प्रशासन का मानना है कि छोटे-छोटे नियम ही बड़ी जान बचाते हैं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ एक माह का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है। नियमों का पालन कर ही हादसों की संख्या घटाई जा सकती है। आने वाले दिनों में और भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित घर लौट सके।