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गंगा एक्सप्रेसवे तैयार ( Img: Google)
Raebareli: तेज रफ्तार, लंबी दूरी और कम समय ये तीन चीजें जितनी राहत देती हैं, उतना ही खतरा भी साथ लाती हैं। उत्तर प्रदेश में बन रहा देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार है और इसके शुरू होने का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है। लेकिन सवाल वही पुराना है, क्या ये हाईवे सिर्फ सफर आसान करेगा या रफ्तार के साथ खतरे भी बढ़ाएगा? रायबरेली से लेकर मेरठ और प्रयागराज तक फैला ये मेगा प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में है और जल्द ही लोगों के लिए खुलने वाला है।
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने को लेकर अब तस्वीर साफ होती दिख रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल 2026 में इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। 594 किलोमीटर लंबाई वाली यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ती है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगा, जिसमें Raebareli भी शामिल है। खास बात यह है कि रायबरेली में इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
गंगा एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर राघवेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, रायबरेली में करीब 99 फीसदी काम पूरा हो चुका है। यहां लगभग 78 किलोमीटर लंबा हिस्सा एक्सप्रेसवे का गुजरता है, जो उन्नाव बॉर्डर से शुरू होकर लालगंज होते हुए प्रतापगढ़ बॉर्डर के सलोन तक जाता है। सड़क निर्माण से लेकर साइन बोर्ड, बाउंड्री वॉल, लाइटिंग और एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तक का काम लगभग पूरा हो चुका है।
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इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी हाई स्पीड है। यहां वाहन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। इससे मेरठ, रायबरेली और प्रयागराज के बीच का सफर पहले के मुकाबले काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। लालगंज और प्रतापगढ़ बॉर्डर पर कैफेटेरिया बनाए गए हैं, जहां यात्रियों को खाने-पीने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पेट्रोल पंप, CNG स्टेशन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट भी बनाए गए हैं। यानी सफर के दौरान ईंधन या चार्जिंग की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
तेज रफ्तार के साथ सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है। एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर पर कैमरे लगाए गए हैं, ताकि किसी भी दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। इसके अलावा स्पीड मॉनिटरिंग के लिए स्पीडोमीटर लगाए गए हैं। पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी साइन बोर्ड और हेल्प सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा है कि जैसे ही इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी के हाथों होगा, वैसे ही देश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
Location : Raebareli
Published : 3 April 2026, 3:44 PM IST
Topics : Ganga Expressway raebareli news UP CM UP News