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कानपुर में साइबर फ्रॉड का खुलासा (IMG: X)
Kanpur: साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए कानपुर पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने दो आरोपियों को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में कानपुर से संचालित कुछ बैंक खातों में करीब 5,600 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। जांच आगे बढ़ी तो इन खातों की कड़ियां देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों से जुड़ती चली गईं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 65 लाख 26 हजार रुपये नकद समेत मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड और बैंकिंग से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कानपुर निवासी शाहजेब वारिस और सलमान के रूप में हुई है। दोनों को हैदराबाद से पकड़ा गया। आरोप है कि ये लोग ऐसे नेटवर्क से जुड़े थे, जो लोगों को निवेश के नाम पर अधिक मुनाफा देने का लालच देता था। जांच में पुलिस को पता चला कि कथित नेटवर्क में लोगों से निवेश के नाम पर रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद रकम को दूसरे खातों और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए ट्रांसफर किया जाता था।
जांच के दौरान कानपुर के कुछ बैंकों में संचालित कई खातों की जानकारी पुलिस के सामने आई। इन खातों की जांच NCRP यानी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर की गई। पुलिस के मुताबिक, इस जांच में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी करीब 86 साइबर अपराध शिकायतें सामने आईं।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 65 लाख 26 हजार रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, तीन चेकबुक, दो एटीएम कार्ड, बैंक खाते खुलवाने से संबंधित दस्तावेज, कैश जमा और निकासी की रसीदें तथा GST और उद्यम से जुड़े कागजात भी बरामद किए गए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। इनमें कॉल रिकॉर्ड, WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल सामग्री शामिल है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है। इसके जरिए कथित नेटवर्क में आरोपियों की भूमिका, उनके संपर्कों और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक इस मामले की जांच केवल कानपुर तक सीमित नहीं है। NCRP पर सामने आई करीब 86 शिकायतों के कारण मामले की कड़ियां देश के अलग-अलग राज्यों तक पहुंच रही हैं। इससे जांच एजेंसियों को आशंका है कि कथित नेटवर्क का इस्तेमाल अलग-अलग जगहों पर साइबर अपराध से जुड़ी रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब उन खातों की भी जांच कर रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई।
Location : Kanpur
Published : 12 September 2026, 8:44 PM IST