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राहुल गांधी (फाइल फोटो)
प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि बोलने की आजादी की कुछ सीमाएं होती हैं। सेना का अपमान नहीं किया जा सकता। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भारतीय सेना पर कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार कोर्ट की एक सदस्यीय बेंच ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 19(1)(ए) बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी की गारंटी देता है। लेकिन, इस पर कुछ जरूरी पाबंदियां भी हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि अनुच्छेद 19 (1) (ए) उन बयानों पर लागू नहीं होता जो 'भारतीय सेना के लिए मानहानिकारक' हैं। इसका मतलब है कि आप बोलने की आजादी के नाम पर सेना के बारे में कुछ भी गलत नहीं बोल सकते।
अगले हफ्ते आएगा इलाहाबाद हाई कोर्ट का विस्तृत फैसला
इसके साथ ही अदालत ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया है। राहुल गांधी ने निचली अदालत के समन को चुनौती दी थी। यह समन भारतीय सेना के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में जारी किया गया था। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने अपने आदेश में कहा कि विस्तृत फैसला अगले हफ्ते आएगा। सरकार के वकीलों ने कहा कि राहुल की याचिका कानूनी रूप से सही नहीं है। क्योंकि, उनके पास सेशन कोर्ट में अपील करने का विकल्प है।
राहुल गांधी के वकीलों का दावा- राजनीति से प्रेरित है केस
वकीलों ने यह भी कहा कि शिकायत और गवाहों के बयानों के आधार पर पहली नजर में मामला बनता है। मतलब, ऐसा लगता है कि राहुल गांधी ने कुछ गलत किया है। जबकि राहुल के वकील, प्रांशु अग्रवाल ने कहा कि शिकायत राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसमें कोई दम नहीं है।
Location : Prayagraj
Published : 4 June 2025, 5:58 PM IST