Kerala Assembly Election: LDF की कमान पिनाराई के हाथ, लेकिन मुख्यमंत्री कौन? CPM ने दिया साफ जवाब

CPM की केरल इकाई ने केंद्रीय समिति को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि चुनाव अभियान दो पिनाराई सरकारों की विकास उपलब्धियों पर आधारित होगा। साथ ही पार्टी केंद्र सरकार के केरल विरोधी रवैये और कांग्रेस के दोहरे मापदंडों को भी उजागर करेगी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 19 January 2026, 2:18 PM IST
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Kerala: केरल की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रही अटकलों पर CPM ने बड़ा बयान दिया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि चुनावी लड़ाई का चेहरा और सत्ता के बाद मुख्यमंत्री का फैसला दोनों अलग-अलग बातें हैं। तिरुवनंतपुरम में हुई केंद्रीय समिति की बैठक के बाद पार्टी महासचिव एम ए बेबी के बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

LDF का नेतृत्व करेंगे पिनाराई, लेकिन CM फेस नहीं होगा प्रोजेक्ट

तिरुवनंतपुरम में CPM की दो दिवसीय केंद्रीय समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए महासचिव एम ए बेबी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सत्ताधारी LDF का नेतृत्व करेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पिनाराई खुद चुनाव लड़ेंगे या नहीं। बेबी ने दो टूक कहा कि CPM किसी भी हालत में मुख्यमंत्री चेहरे को चुनाव से पहले प्रोजेक्ट नहीं करेगी।

सही समय पर होगी उम्मीदवारी पर चर्चा

एम ए बेबी ने कहा कि पार्टी पिनाराई विजयन की उम्मीदवारी को लेकर “सही समय” पर चर्चा करेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर LDF चुनाव जीतती है, तो अगले मुख्यमंत्री का फैसला सहयोगी दलों के साथ बातचीत के जरिए किया जाएगा। बेबी ने 1957 के पहले केरल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी CPM ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार को पहले से प्रोजेक्ट नहीं किया था।

दो-टर्म नियम पर भी साफ जवाब

मुख्यमंत्री के तौर पर दो कार्यकाल की सीमा को लेकर पूछे गए सवाल पर बेबी ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है जिसे हर हाल में लागू किया जाए। उनके मुताबिक परिस्थितियों और राजनीतिक हालात के हिसाब से पार्टी फैसला लेती है, न कि किसी तय फार्मूले के आधार पर।

कांग्रेस और BJP पर तीखा हमला

एम ए बेबी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह खुद कट्टर हिंदुत्व की लाइन अपना रही है, जबकि CPM पर नरम हिंदुत्व अपनाने का आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि 1991 के विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, मुस्लिम लीग और BJP ने मिलकर कुछ सीटों पर CPM और LDF को हराने के लिए साझा मोर्चा बनाया था। बेबी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में केरल में किसी तरह की सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई है।

समुदाय विशेष के आरोपों पर CPM का रुख

बिना नाम लिए SNDP योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन का जिक्र करते हुए बेबी ने कहा कि जब भी किसी समुदाय विशेष के नेता ने बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, CPM के राज्य सचिवालय ने उसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने यह भी कहा कि UDF और BJP मुख्यमंत्री की आलोचना करने में एक ही भाषा बोल रहे हैं।

विकास बनाम केंद्र की राजनीति

CPM की केरल इकाई ने केंद्रीय समिति को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि चुनाव अभियान दो पिनाराई सरकारों की विकास उपलब्धियों पर आधारित होगा। साथ ही पार्टी केंद्र सरकार के केरल विरोधी रवैये और कांग्रेस के दोहरे मापदंडों को भी उजागर करेगी।

बंगाल और असम का अपडेट

पश्चिम बंगाल इकाई ने बताया कि कांग्रेस ने अब तक CPM के साथ संभावित गठबंधन पर फैसला नहीं लिया है, जबकि CPI (ML) लिबरेशन के साथ सीट बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। असम में भी CPM कांग्रेस से सीट बंटवारे को लेकर अंतिम पुष्टि का इंतजार कर रही है।

Location : 
  • Kerala

Published : 
  • 19 January 2026, 2:18 PM IST

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