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प्रतीकात्मक फोटो (Img: Canva)
Bareilly News: आंध्र प्रदेश में बैठे परिवार ने बरेली में बीटेक की पढ़ाई कर रहे बेटे के महीनेभर के खर्च के लिए 20 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे थे। रकम भेजते वक्त मोबाइल नंबर या खाता संख्या का सिर्फ एक अंक गलत दर्ज हो गया और पूरा पैसा किसी अनजान व्यक्ति के खाते में पहुंच गया। जब परिवार ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया तो उसने रुपये मिलने से इनकार कर दिया। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। परिवार ने खुद मोबाइल नंबर का सुराग तलाशा और पता चला कि नंबर का कनेक्शन बरेली से है। इसके बाद शिकायत बरेली पुलिस तक पहुंची और पुलिस ने तकनीकी जानकारी के आधार पर खाताधारक को ट्रेस कर लिया। जांच के बाद पूरे 20 हजार रुपये वापस करा दिए गए।
महीनेभर के खर्च के लिए भेजे थे रुपये
आंध्र प्रदेश निवासी सिद्धार्थ के चाचा का बेटा बरेली में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। पढ़ाई और दूसरे जरूरी खर्चों के लिए परिवार की ओर से हर महीने रुपये भेजे जाते हैं। इसी सिलसिले में 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए थे। लेकिन नंबर या खाता विवरण दर्ज करते समय एक अंक गलत हो गया। ट्रांजेक्शन पूरा होने के बाद पता चला कि रकम छात्र के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में चली गई।
रुपये लौटाने से किया इनकार
परिवार ने जिस व्यक्ति के खाते में रकम पहुंची थी, उससे संपर्क करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति ने रुपये मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद सिद्धार्थ ने खुद इस मामले की तह तक जाने की कोशिश शुरू की। उन्होंने मोबाइल नंबर के जरिए खाताधारक के बारे में जानकारी जुटाई।
Truecaller से मिला बरेली का सुराग
सिद्धार्थ ने Truecaller पर मोबाइल नंबर चेक किया तो उसका संबंध बरेली से होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने यूपी पुलिस की वेबसाइट से सीओ नगर द्वितीय बरेली का संपर्क नंबर हासिल किया और आंध्र प्रदेश से फोन कर पूरी घटना बताई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दिए गए मोबाइल नंबर की तकनीकी जानकारी जुटाई और संबंधित व्यक्ति को ट्रेस कर लिया।
पुलिस ने खाताधारक से संपर्क कर लौटाए रुपये
मामला मलूकपुर चौकी तक पहुंचा। चौकी प्रभारी ने खाताधारक से संपर्क कर पूछताछ की। ट्रांजेक्शन से जुड़ी जानकारी की जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित व्यक्ति से बातचीत कर पूरे 20 हजार रुपये शिकायतकर्ता को वापस करा दिए।
सैकड़ों किलोमीटर दूर से आई शिकायत, पुलिस ने दिलाई राहत
रकम वापस मिलने के बाद सिद्धार्थ ने वीडियो संदेश के जरिए बरेली पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश से सैकड़ों किलोमीटर दूर होने के बावजूद उनकी शिकायत सुनी गई और कार्रवाई करते हुए रकम वापस दिलाई गई। इस मामले में एक गलत अंक से शुरू हुई परेशानी मोबाइल नंबर के सुराग और पुलिस की कार्रवाई के बाद खत्म हुई।
Location : Bareilly
Published : 26 September 2026, 12:57 PM IST