गोरखपुर: खजनी बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण 8 अप्रैल को, उत्साह और भव्य तैयारी का माहौल,पढिए पूरी खबर
गोरखपुर के खजनी रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा को लेकर दो पक्षों में जमकर बवाल हो गया। जिससे रजिस्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख फिलहाल बैनामा की प्रक्रिया रोक दी गई है।
गोरखपुर की खजनी तहसील में एडीएम हिमांशु बर्मा के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई। भूलेखागार सहित कई कार्यालयों में रिकॉर्ड अव्यवस्थित मिले और फाइलों में जरूरी दस्तावेज भी नदारद थे। एडीएम ने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए।
खजनी तहसील में विकास को मिली रप्तार : इंटरलॉकिंग, आरसीसी सड़क, खेल मैदान और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगा प्रशासनिक परिसर,पढिए पूरी खबर
गोरखपुर की खजनी तहसील में कड़ाके की ठंड के बीच सरकारी अलाव व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। प्रशासनिक दावों के विपरीत जमीनी हकीकत यह है कि प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जल रहे। इससे गरीब, बुजुर्ग और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
गोरखपुर की खजनी तहसील में कड़ाके की ठंड के बीच सरकारी अलाव व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं होने से लोग ठिठुरते हुए नजर आए। स्थानीय निवासी और व्यापारी प्रशासन की नाकाफी तैयारियों पर नाराज हैं।
उनवल क्षेत्र में एक बंदरिया पिछले दस दिनों से चार दिन के नवजात कुत्ते के बच्चे को अपने बच्चे की तरह पाल रही है। वह उसे गोद में लेकर घूमती है, सुरक्षित रखती है और दूध भी पिलाती है। यह अनोखी ममता देखकर लोग भावुक हो उठे हैं। प्रकृति के इस चमत्कार ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।
डीएम का यह निरीक्षण बिना किसी पूर्व सूचना के हुआ, जिससे तहसील प्रशासन में खलबली मच गई। जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में प्रवेश करते ही कार्यालयों की दशा, सफाई व्यवस्था और नवनिर्मित लेखपाल आवास का निरीक्षण किया।
गोरखपुर में डीएम दीपक मीणा ने खजनी तहसील का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही, गंदगी और लंबित फाइलों पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को तुरंत सुधार और जवाबदेही के निर्देश दिए गए।