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प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने भारत में SIM-binding फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ यूजर्स को इन-ऐप नोटिफिकेशन मिलने लगे हैं। नोटिफिकेशन में लिखा है कि स्थानीय नियमों के कारण व्हाट्सऐप को डिवाइस में सिम कार्ड की प्रेजेंस को कन्फर्म करना होगा। फिलहाल यह फीचर केवल टेस्टिंग में है और इसे अब तक रोल आउट नहीं किया गया है।
SIM-binding का मतलब है कि मैसेजिंग ऐप केवल उसी डिवाइस पर एक्सेस किया जा सकेगा, जिसमें वही सिम कार्ड मौजूद है, जिससे अकाउंट रजिस्टर्ड किया गया था। अगर उस डिवाइस से सिम हटाई जाती है या उसमें दूसरी सिम डाल दी जाती है, तो ऐप यूजर को ऑटोमैटिक लॉग आउट कर देगा। WhatsApp इस नए फीचर के जरिए समय-समय पर चेक करेगा कि अकाउंट रजिस्टर्ड सिम वाले डिवाइस से ही चलाया जा रहा है या नहीं। इसका उद्देश्य अनऑथराइज्ड एक्सेस को रोकना है।
फिलहाल टेस्टिंग के दौरान यूजर्स पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और वे ऐप को पहले की तरह इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, जब यह फीचर पूरी तरह रोल आउट होगा, तो यूजर्स केवल उसी डिवाइस पर WhatsApp एक्सेस कर पाएंगे जिसमें रजिस्टर्ड सिम है। सेकेंडरी डिवाइस का इस्तेमाल करने वाले या लगातार सिम बदलने वाले यूजर्स को बदलाव के बाद दिक्कत हो सकती है।
पिछले साल नवंबर में भारत सरकार ने आदेश जारी किया था कि सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को सिम-बाइंडिंग नियमों का पालन करना होगा। शुरुआत में कंपनियों को इसे लागू करने के लिए 90 दिनों का समय मिला था। इसके बाद प्लेटफॉर्म्स और टेक कंपनियों ने इसे लागू करने में तकनीकी चुनौतियों का हवाला देते हुए समय बढ़ाने की मांग की। सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए डेडलाइन को 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दिया।
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डेडलाइन बढ़ने से WhatsApp और अन्य प्लेटफॉर्म्स को अपने सॉफ्टवेयर और सर्विसेस में जरूरी बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि SIM-binding फीचर पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी तौर पर सक्षम तरीके से रोल आउट किया जा सके।
Location : New Delhi
Published : 8 April 2026, 10:29 AM IST
Topics : App Security Messaging SIM Binding tech news WhatsApp