Unnao Road Accident: भारी सुरक्षा के बीच पीड़िता के चाचा ने किया पत्‍नी का अंतिम संस्‍कार

डीएन ब्यूरो

उन्‍नाव सामूहिक दुष्‍कर्म की पीड़िता के साथ हुए हादसे में मृत चाची का अंतिम संस्‍कार करने के लिए पति को रायबरेली जेल से उन्‍नाव ले जाया गया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। डाइनामाइट न्‍यूज़ पर पढ़ें पूरी खबर..

मिश्रा कॉलोनी पर अंत्‍येष्टि के समय मौजूद परिजन और पुल‍िस
मिश्रा कॉलोनी पर अंत्‍येष्टि के समय मौजूद परिजन और पुल‍िस

लखनऊ: उन्‍नाव सामुहिक दुष्‍कर्म प्रकरण (Unnao rape) में दो लोगों की मौत के बाद पीड़िता (Unnao rape victim)  के चाचा को हाई कोर्ट के आदेश पर  एक दिन के शॉर्ट टर्म बेल पर पत्‍नी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाया गया। पीड़िता के गांव में उसकी चाची का अंतिम संस्कार किया गया।

यह भी पढ़ें: आजम खान के विधायक बेटे Abdullah Azam Khan को यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

उन्‍नाव के शुक्‍लागंज के मिश्रा कॉलोनी घाट पर प्रशासन ने अंतिम संस्‍कार की तैयारी की थी। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा साथ ही डीएम देवेंद्र पांडेय और एसपी एमपी वर्मा के साथ एडीएम राकेश सिंह और एएसपी विनोद पांडेय भी मौजूद है।

अंतिम संस्‍कार के दौरान मौजूद परिजन

यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव पहुंचे राजभवन, राज्यपाल से की मुलाक़ात

इसके अलावा किसी प्रदर्शन आदि की आशंका के चलते घाट तक जाने वाले रास्‍ते पर पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया था। जिसके बाद ही हाईकोर्ट से शॉर्ट टर्म बेल मिलने के बाद रायबरेली जेल से पीडि़ता के चाचा भी कड़ी सुरक्षा में घाट पर लाये गए।

उन्नाव रेप कांड: पीड़िता दुर्घटना मामले में CBI ने MLA कुलदीप सेंगर सहित 10 पर लिखी FIR

अंत्‍येष्टि स्‍थल पर मौजूद आला अधिकारी

अंतिम संस्‍कार के दौरान परिवार वालों के अलावा अन्‍य सभी लोगों को घाट से हटा दिया गया था। इस दौरान कुछ देर के लिए अंतिम संस्‍कार के लिए लाये गए अन्य शवों को भी रोक दिया गया था।

यह भी पढ़ें: पीड़िता की हालत पर लखनऊ के डीएम का आया बड़ा बयान

ज्ञात हो कि उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए एक्सीडेंट मामले में परिजनों ने पहले मृतक चाची का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। परिजन लखनऊ के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। 

मौके पर मौजूद पुल‍िस बल

यह भी पढ़ें: पीड़िता के चाचा को हाईकोर्ट से मिली एक दिन की शार्ट टर्म बेल

घरवालों की मांग थी कि जब तक पीड़िता के चाचा को बेल नहीं मिलती है, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। 28 जुलाई को हुए इस हादसे में पीड़िता की चाची की मौत हो गई थी।

(डाइनामाइट न्यूज़ के ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)






संबंधित समाचार