लखनऊ में धर्मसभा से पहले प्रशासन सख्त, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम को 26 शर्तों के साथ अनुमति; पढ़ें पूरी खबर

गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर निकली स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर होने वाली धर्मसभा और धरने के लिए प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दी है। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पुलिस अलर्ट मोड पर है।

Updated : 10 March 2026, 12:17 PM IST
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Lucknow: गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर शुरू की गई शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा 11 मार्च को राजधानी लखनऊ पहुंचेगी। इस यात्रा की शुरुआत 7 मार्च को वाराणसी से हुई थी। लखनऊ पहुंचने के बाद यहां बड़ी धर्मसभा और धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने कानून-व्यवस्था तथा ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।

कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर मिली अनुमति

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस कार्यक्रम के लिए कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजन की अनुमति दे दी है। हालांकि अनुमति के साथ पुलिस प्रशासन ने आयोजकों को 26 शर्तों का पत्र भी सौंपा है। इन शर्तों का पालन करना आयोजकों के लिए अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर कार्यक्रम की अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थाना क्षेत्रों की पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा है। आयोजन स्थल पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।

इन प्रमुख शर्तों का करना होगा पालन

पुलिस द्वारा दी गई शर्तों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण नहीं दिए जाएंगे। किसी राजनीतिक या धार्मिक व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित या विद्वेषपूर्ण भाषा का प्रयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे और सीमित संख्या में ही वाहनों को कार्यक्रम स्थल तक आने की अनुमति होगी।

इसके अलावा कार्यक्रम में आतिशबाजी, हथियारों का प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ध्वनि प्रदूषण नियमों का भी सख्ती से पालन करना होगा और लाउडस्पीकर की आवाज अधिकतम 75 डेसीबल तक ही सीमित रखनी होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि प्रसारण पूरी तरह बंद रहेगा। सार्वजनिक सड़कों पर वाहन पार्किंग नहीं की जा सकेगी और पंडाल की ऊंचाई कम से कम तीन मीटर रखनी होगी।

माघ मेले के बाद बढ़ा विवाद

गौरतलब है कि जनवरी में प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रशासन ने स्नान करने से रोक दिया था। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और सरकार के बीच विवाद बढ़ गया था। उस समय वह बिना स्नान किए ही वापस लौट गए थे। इस मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में भी काफी चर्चा हुई थी।

अब लखनऊ में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शर्तों के साथ अनुमति देकर व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 10 March 2026, 12:17 PM IST

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