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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में बुलडोजर द्वारा मकान ढ़हाये जाने के मामले में बुधवार को देश की शीर्ष अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने देश के वरिष्ठ पत्रकार मनोज टिबड़ेवाल आकाश के लेटर पटिशन पर सुनाया गया यह ऐतिहासिक फैसला नजीर बन गया है।
बुलडोजर आंतक के शिकार बने कई लोगों के लिये इस फैसले में न्याय का मार्ग खोल दिया है। देश भर की मीडिया में सर्वोच्च अदालत का ये फैसला सुर्खियों में बना हुआ है और आम जनता भी इस पर खूब चर्चा कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट के इस लैंडमार्क जजमेंट पर अब इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के वकीलों (Lawyers) ने भी सर्वोच्च अदालत के इस फैसले पर अपनी जबरदस्त प्रतिक्रिया (Strong Response)दी है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर में डाइनामाइट न्यूज़ के खास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे अधिवक्ताओं ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया।
वकीलों ने कहा कि इस सर्वोच्च अदालत के इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश देश के ऐसे लाखों लोगों को भी न्याय मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिनको बिना कोई नोटिस दिये उनके घरों को बुलडोजर चलवाकर अवैध तरीके से तोड़ा गया।
अधिवक्ताओं ने हाई कोर्ट परिसर में डाइनामाइट न्यूज़ से खास बातचीत में कहा कि बिना अदालती आदेश या नोटिस के किसी का घर गिराये जाने के संबंध में आये इस फैसले का अदालतों में जोर-शोर से जिक्र हो रहा है और संबंधित मामले में सुनवाई के दौरान न्यायधीश भी इसे कोट करने लगे हैं। वकीलों को भी हिदायत दी जाने लगी है। आने वाले समय में इस फैसले के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।
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Published : 11 November 2024, 6:01 PM IST
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