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रतलाम: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन सुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल नहीं होने और बाबा महाकाल के दर्शन नहीं मिलने की कसक अब भक्तों को नहीं रहेगी। रेलवे, उज्जैन और इंदौर के स्टेशन पर वीआर तकनीक से इसे दिखाने का प्रबंध कर रहा है, जिससे भक्तों को सीधे महाकाल मंदिर की भस्म आरती में शामिल होने का अनुभव मिलेगा।
पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि वर्चुअल रियलिटी अर्थात वीआर तकनीक से भस्म आरती के दर्शन के लिए भोपाल की एक निजी कंपनी को रेलवे द्वारा काम सौंपा गया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा कंपनी को उज्जैन और इंदौर स्टेशन पर 200 वर्ग फुट जगह दी जा रही है। इसमें कंपनी अपने खर्च से उपकरण लगाएगी और रेलवे को प्रतिवर्ष करीब 10 लाख रूपए अदा भी करेगी।
कुमार ने कहा कि इस तकनीक का उपयोग महाकाल की भस्म आरती के दर्शन के अलावा बाबा महाकाल के लाइव दर्शन और अन्य ऐतिहासिक स्थलों को दिखाने में भी किया जाएगा। कंपनी अपने शुल्क तय कर श्रद्धालुओं को दर्शन की यह सुविधा देगी।
अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में करीब दो वर्ष के लिए कंपनी को ये काम सौंपा जा रहा है।
गौरतलब है कि उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु आ रहे है। इनमें से अलसुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल होने का मौका सबको नहीं मिल पाता है और श्रद्धालु इस आरती को सीधे देख भी नहीं पाते है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल लोक गलियारे के प्रथम चरण की शुरुआत के बाद उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन करने आने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में स्थापित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में है और यहां देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं
रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई जा रही वीआर तकनीक से श्रद्धालुओं को साक्षात भस्म आरती में शामिल होने के साथ बाबा के दर्शन का अनुभव मिलेगा।
Published : 27 December 2023, 3:40 PM IST
Topics : Madhya Pradesh Mahakaleshwar temple railways Station उज्जैन दर्शन भस्म आरती मध्य प्रदेश महाकालेश्वर मंदिर रेलवे