महराजगंज: पुलिसिया वसूली का विरोध बसपा नेता पुत्र को पड़ा भारी, गांव में घुस कर पुलिस ने मचाया खूब तांडव

डीएन ब्यूरो

फरेन्दा थाने के हड़वा पुल पर चेकिंग के दौरान बसपा नेता और पुलिस के बीच हुए संघर्ष की कहानी से अब पर्दा उठने लगा है। आरोप है कि पुलिस की अवैध वसूली इस संघर्ष का कारण बनी। इस घटना ने अब विकराल रूप ले लिया है, अपमान का बदला लेने के लिये गांव में पहुंची पुलिस ने खूब तांडव मचाया, जिसमे कई लोग घायल हो गये। मामले को बढ़ता देख आधा दर्जन थानों की पुलिस फ़ोर्स वहां पहुंची।

क्षतिग्रस्त गाड़ी
क्षतिग्रस्त गाड़ी

महराजगंज: फरेन्दा थाने के हड़वा पुल पर चेकिंग के दौरान बसपा नेता और पुलिस के बीच हुए संघर्ष की कहानी से अब पर्दा उठने लगा है। आरोप है कि पुलिस की अवैध वसूली ही इस संघर्ष का कारण बनी। इस संघर्ष का बदला लेने के लिये पुलिस ने वसूली का विरोध करने वाले ऑटो चालकों के गांव में घूसकर खूब तांडव मचाया। इस तांडव से करीब एक दर्जन ग्रामीण घायल हो गये।

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सूत्रों के मुताबिक गुरूवार की शाम को पचरुखी ग्राम प्रधान और बसपा नेता की पुत्र बधु कौशील्य देवी अपने पती कमलेश निषाद के साथ गाड़ी से घर जा रहे थे, तभी रास्ते में पुल पर पुलिस कर्मियों द्वारा गाड़ी चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। मौके पर मौजूद कमलेश ने ऑटो वालों का साथ देते हुए अवैध वसूली का विरोध किया। तभी पुलिस कर्मियो ने ऑटो चालकों से गाड़ी के कागज मांगे। लेकिन ऑटो चालकों ने पुलिस की बात को अनसुना किया और वहां से जाने लगे। इसी बात को लेकर पुलिस कर्मी ऑटो चालकों को दौड़ाकर पकड़ने और मारने लगे।

किसी तरह ऑटो चालक अपने गांव पहुंचे। अपमान का बदला लेने के लिये पुलिस ऑटो चालकों के गांव पहुंची और अपना रौब झाड़कर खूब तांडव किया। इस तांडव से गांव के दर्जनों लोग घायल हो गये। पुलिस की इस हरकत से गुस्साये ग्रीमीणों ने पुलिस को वापस दौड़ाया और पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। मामले को बढ़ता देख आधा दर्जन थानों की गाड़ियां फ़ोर्स सहित वहां पहुंची लेकिन गांव वालों का गुस्सा देख कोई आगे नही बढ़ पाया।

इस घटना पर फरेन्दा के थानेदार सत्येन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस मामले में 11 नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है।

 

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