हिंदी
प्रयागराज: महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान पर मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत और 60 लोगों के घायल होने के सरकारी आंकड़ों पर कई सावल उठाये जा रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को दिल्ली में बजट सत्र के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में सरकार के इन आंकड़ों को झूठा बताया और सही आंकड़े जारी करने की मांग की।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक महाकुंभ भगदड़ में हुए हादसे पर उठ रहे सवालों के बीच अब प्रयागराज में महाकुंभ के लिये कमर्शियल टेंट सिटी बनाने का मामला भी जोर पकड़ने लगा है। सत्ता और सियासत से जुड़े लोगों समेत आम जनता यह सवाल भी उठाने लगी है कि आखिर कमर्शियल टेंट सिटी का आदेश दिया किसने था।
दरअसल, महाकुंभ मेले में श्रृद्धालुओं के ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाओं को पूरा करने के लिये प्रयागराज में टेंट सिटी बनाई गई। टेंट सिटी का उद्देश्य महाकुंभ में श्रद्धालुओं को ठहरने की व्यवस्था मुहैया कराना है। लेकिन अब टेंट सिटी भी सवालों के घेरे में आ गई है।
खासकर, महाकुंभ से सटे छतनाग गांव के किनारे अवैध रूप से बनी टेंट सिटी को लेकर कई सवाल उठाये जा रहे हैं। अब जानकारी सामने आ रही है कि छतनाग गांव के किनारे अवैध रूप से ''जस्ट ए शिविर'' नाम की टेंट सिटी का निर्माण किया गया। यह मामला तब सामने आया, जब ''जस्ट ए शिविर'' में गुरूवार को आग लग गई। आग लगने की घटना के समय जस्ट ए शिविर नाम वाली इस टेंट सिटी में देसी-विदेशी 130 लोग ठहरे हुए हैं। लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा होने से बच गया। यहां कॉटेज बुक करने वाले एग्जीक्यूटिव राधेश्याम ने इस पूरे मामले का खुलासा किया।
टेंट सिटी जस्ट ए शिविर में गुरूवार को इस आग के कारण 15 लग्जरी कॉटेज राख हो गई थी। लेकिन घटना के बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि यह टेंट सिटी ढाई महीने से बनाई जा रही थी।
मेला क्षेत्र के सेक्टर-22 से कुछ दूर कछार पर बसी इस टेंट सिटी के अवैध होने की पोल खुलने के बाद भी मेला और फूलपुर एसडीएम कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर मेला क्षेत्र में मुख्य टेंट सिटी की आड़ में यह अवैध शिविर कैसे बना? आखिर किसके आदेशों पर इसका निर्माण कराया गया। क्या सीएम योगी के सख्त निर्देशों का अफसरों पर कोई असर नहीं है।
यह भी सच है कि इस तरह की अवैध टेंट सिटी का निर्माण अफसरों की मिलीभगत के कारण संभन नही है। आखिर यूपी सरकार और मेला प्रशासन अभी तक उन अफसरों और लोगों की पहचान क्यों नहीं कर सका, जिन्होंने इसका निर्माण कराया और अवैध टेंट सिटी बनाने का आदेश दिया?
Published : 1 February 2025, 4:47 PM IST
Topics : commercial tent city continuously being raised Dynamite News Maha Kumbh 2025 ManojTibrewalAakashJournalist Mauni Amavasya stampede during