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लखनऊ: इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार में रहने वाली निजी कॉलेज की प्रोफेसर प्रमिला मानसिंह के साथ साइबर ठग ने एक अनूठी ठगी को अंजाम दिया। ठग ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर प्रमिला को 22 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दोषी बताते हुए 78.50 लाख रुपये ठग लिए।
क्या है पूरा मामला
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, प्रमिला के अनुसार वह अविवाहित हैं और 1 मार्च को उन्हें एक अनजान नंबर से सुबह 10 बजे व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि दिल्ली में प्रमिला के नाम पर कई बैंक खातों का खुला होना सामने आया है। जब उन्होंने इस आरोप को नकारा, तो ठग ने उनके आधार नंबर और बैंक खाते की जानकारी ले ली। कुछ समय बाद फिर से वीडियो कॉल करते हुए उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार करने की धमकी दी।
जांच जारी है
ठग ने कहा कि अगर प्रमिला इस कार्रवाई से बचना चाहती हैं, तो उन्हें सहयोग करना होगा। उस समय से लेकर 22 दिनों तक ठग ने प्रमिला को लगातार व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिये मानसिक रूप से दबाव डाला। इन 22 दिनों में प्रोफेसर ने डर की वजह से विभिन्न बैंक खातों में कुल 78.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी जांच जारी है।
Published : 26 March 2025, 2:11 PM IST
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