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महराजगंजः भ्रष्टाचार की जद में आ कर अपनी कुर्सी गवाने वाले पूर्व जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय की करनी का सजा आज भी जिले के 74 अनुदेशकों को भुगतनी पड़ रही है। नवीनीकरण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे आधा दर्जन लोगों की तबियत खराब हो गई है।
असल में इस साल ही माध्यमिक शिक्षक अनुदेशको को नवीकरण होना था। पर भष्ट्राचार की जद में आने वाले आमरनाथ उपाध्याय ने इस मामले में भी एक पेंच कस दिया। अनुदेशक नवीनीकरण सत्र 2018-19 में पूर्व जिलाधिकारी द्वारा मनमाने तरीके से शासनादेश के विपरीत ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों से प्रमाणित कराने का आदेश जारी किया गया था। जिसको अनुदेशकों के विरोध के बाद बदलकर शासनादेश के अनुरूप नवीनीकरण करना पड़ा था, लेकिन पुन: सत्र 2019-20 में अनुदेशक नवीनीकरण की जो सूची जारी हुई है उसमें केवल 260 अनुदेशकों का नाम ही है, और 74 अनुदेशकों को बिना कोई कारण बताए नवीनीकरण की सूची में नाम नहीं अंकित किया गया।
अब अनुदेशकों का कहना है कि बिना वजह से उन्हें परेशानी क्यों किया जा रहा है। इसका मतलब की डीएम की मंशा ठीक नहीं थी। इसी बात को लेकर आज भी 74 अनुदेशकों की नवीकरण अधर में है । अनुदेशकों ने की तरह डाइनामाइट न्यूज़ को अपनी पीड़ा सुनाई।
Published : 24 October 2019, 4:33 PM IST
Topics : Amarnath Upadhyay Maharajganj uttar pradesh अमरनाथ उपाध्याय उत्तर प्रदेश पूर्व डीएम भ्रष्टाचार महराजगंज माध्यमिक शिक्षक