हिंदी
बलरामपुर: जिले में लगातार हो रही बारिश से राप्ती नदी का जल स्तर लाल के निशान को छूने को बेताब थी। रविवार को राप्ती नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर गई। राप्ती नदी के बढत जल स्तर से तटवर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों की रातों की नींद गायब है। ग्रामीण रात भर जागकर पहरेदारी करते है कि कहीं अचानक से बाढ़ न आ जाए। डीएम पवन अग्रवाल ने कोडरी घाट का औचक निरीक्षण किया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, रविवार को राप्ती नदी का जल स्तर 104.730 पहुंच गया। जो कि खतरे के निशान से 11 सेमी अधिक है। कहीं बाढ़ तो कहीं कटान के डर से तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों की रातों की नींद तक उड़ चुकी है। उन्हें यही डर सताये की कही कटान तेज हुई तो उनके आशियाने नदी में समा जायेगें।
लोगों की उड़ी रातों की नींद
राप्ती नदी के लगातार बढते जल स्तर ने ग्रामीणों की रातो की नींद उड़ा रखी है। थाना गौरा चैराहा के ग्राम फत्तेपुर, रामनगर, नयनसुखवा, नरायनपुर मझारी के ग्रामीणों की नींद उड़ी है। ग्राम नौबस्ता व नरायनपुर मझारी के लगभग दो दर्जन घर नदी तटबंध के बीच है। वहीं करमाना व रोहारी गांव के पास राप्ती नदी ने कटान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन से उन्हें कोई सुविधा मुहैया नही करवाई जा रही है।
कोडरी घाट का औचक निरीक्षण
डीएम पवन अग्रवाल ने सिसई घाट बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर का भी जायजा लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी बाढ़ चौकी पर लगे कर्मी अलर्ट रहे। किसी भी विषम परिस्थिती में तत्काल अपने उच्चाधिकारियों को सूचना दे।
Published : 7 July 2024, 6:35 PM IST
Topics : Balrampur dmbalrampur Flood police जलस्तर प्रशासन बलरमापुर बाढ़ राप्ती नदी