बलरामपुर में वन्य जीव अभ्यारण और इको टूरिज्म हब बनाने की कवायद, जानिये पूरा अपडेट

बलरामपुर के सोहेलवा वन्य जीव अभ्यारण के क्षेत्र को पर्यटन का हब बनाने को लेकर बलरामपुर फर्स्ट की चर्चा हूई। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 25 February 2024, 7:20 PM IST
google-preferred

बलरामपुर: प्रकृति की गोद में स्थित खूबसूरत भगवानपुर जलाशय पर बलरामपुर फर्स्ट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सोहेलवा वन्य जीव अभ्यारण के क्षेत्र में इको टूरिज्म की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। 

यह भी पढ़ें: राजस्थान में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना, सभी जिलों में बनाई जाएंगी लव-कुश वाटिकाएं 

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राकृतिक रूप से सोहेलवा काफी समृद्धि है। सोहेलवा अपनी जैव विविधताओं के कारण प्रसिद्ध है।  वन्य जीव अभ्यारण के बीच स्थित जलाशय इसकी नैसर्गिक सुंदरता को और भी बढाते हैं। 

शिक्षाविद ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि हम सब का सौभाग्य है कि हम लोग प्रकृति की इस खूबसूरती के बीच रहते हैं तो हम सब का दायित्व भी बनता है कि इसे सुरक्षित और संरक्षित किया जाए।

शिक्षाविद विनोद सिंह कलहंस ने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। हम सब मिलकर सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे तभी बलरामपुर को उसका लाभ मिले।  

बलरामपुर फर्स्ट टीम के सचिन सिंह ने सरकार की पर्यटन नीति पर चर्चा करते हुए कहा की भौगोलिक दृष्टिकोण से सोहेलवा परिक्षेत्र उन सभी मानकों पर खरा उतर रहा है जिसे सरकार बढ़ावा देना चाहती है। 

यह भी पढ़ें: अर्थव्यवस्था में पर्यटन के योगदान को बढ़ाने के लिए नीति तैयार की गयी: पर्यटन मंत्रालय 

शिक्षक रवि ज्योति मिश्रा ने कहा कि यह क्षेत्र पर्यटन का हब होगा तो लोग बाहर जाने के बजाय सोहेलवा आना पसंद करेंगे। बलरामपुर फर्स्ट की मीटिंग में इस बात पर जोर दिया गया कि इको टूरिज्म विकसित होने से वन व वन्यजीव भी सुरक्षित हो जाएंगे।

इस अवसर पर सुजीत शर्मा, योगेंद्र मिश्रा, प्रभाकर कसौधन, मयंक श्रीवास्तव, विपुल सिंह, शाहिद अली सहित अन्य प्रकृति प्रेमी मौजूद रहे।

Published : 
  • 25 February 2024, 7:20 PM IST

Advertisement
Advertisement