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वैभव सूर्यवंशी और ब्रेट ली (IMG: Pinterest)
New Delhi: सामने अगर वैभव सूर्यवंशी जैसा बल्लेबाज हो, जो तेज गेंदबाज की रफ्तार से आंख मिलाकर हुक और पुल खेलने से जरा भी नहीं डरता, तो क्या ब्रेट ली जैसे दिग्गज गेंदबाज भी उसे चुनौती देने से बचेंगे? ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तूफानी तेज गेंदबाज ने इसका जवाब खुद दिया है। ली ने बताया कि अगर वह अपने क्रिकेट करियर के दौरान वैभव के सामने गेंदबाजी कर रहे होते तो उनकी कोशिश पहली ही गेंद से इस युवा बल्लेबाज को परखने की होती। यहां तक कि अगर वैभव उनकी गेंद पर छक्का भी जड़ देते, तो ली अपनी रणनीति बदलने के बजाय अगली गेंद भी उसी आत्मविश्वास से डालते।
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में आईपीएल में अपनी बल्लेबाजी से ऐसा असर छोड़ा है कि अब दुनिया के बड़े क्रिकेटर भी उनकी चर्चा कर रहे हैं। उनकी उम्र को लेकर भारत के बाहर सवाल जरूर उठते रहे हैं, लेकिन ब्रेट ली का कहना है कि उन्हें इस बहस में कोई दिलचस्पी नहीं है। ‘बीयर बायसेप्स’ यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान ब्रेट ली ने कहा कि दुनिया भर में लोग सबसे ज्यादा यही पूछते हैं कि क्या वैभव वास्तव में 15 साल के हैं। लेकिन ली के मुताबिक, अगर वह 15 के हैं तो यह शानदार है और अगर 17 या 18 के हैं तो भी इससे उनकी क्रिकेट क्षमता कम नहीं हो जाती।
वैभव ने आईपीएल में बहुत कम समय में अपनी बल्लेबाजी का ऐसा प्रभाव छोड़ा कि गेंदबाजों के साथ-साथ दिग्गज भी उनकी तकनीक पर चर्चा करने लगे। ब्रेट ली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेली गई वैभव की 97 रन की पारी को खास तौर पर याद किया। इस पारी में वैभव ने तेज गेंदबाजी का बेखौफ सामना किया था। खासकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की रफ्तार के सामने उनके हुक और पुल शॉट ने खूब चर्चा बटोरी।
अगर ब्रेट ली को वैभव के खिलाफ गेंदबाजी करनी पड़ती तो क्या वह उनके हुक और पुल शॉट से डरते? ली का जवाब बिल्कुल साफ था- नहीं। अपने तेज गेंदबाजी के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि जब कोई बल्लेबाज हुक और पुल अच्छी तरह खेलता था तो उन्हें ऐसी चुनौती पसंद आती थी। उनके लिए यह गेंदबाज और बल्लेबाज के बीच असली मुकाबला होता था।
ब्रेट ली ने जिस अंदाज में अपनी रणनीति बताई, उससे साफ है कि वह वैभव की ताकत को जानते हुए भी उसे उसकी पसंद के शॉट खेलने से रोकने के बजाय उसी क्षेत्र में मुकाबला करना पसंद करते। तेज गेंदबाजी के दौर में ली खुद अपनी रफ्तार और आक्रामकता के लिए जाने जाते थे। ऐसे में वैभव जैसे युवा बल्लेबाज के खिलाफ उनका प्लान भी आक्रामक ही रहता।
ब्रेट ली ने वैभव को लेकर एक और अहम बात कही। उनके मुताबिक इस युवा बल्लेबाज की फॉर्म या बल्लेबाजी उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती नहीं है। असली चुनौती उसका मानसिक विकास हो सकता है। ली ने कहा कि वैभव को अभी बच्चा बने रहने देना चाहिए। उन पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। इतनी कम उम्र में अचानक मिली लोकप्रियता और उम्मीदों के बीच युवा खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से संतुलित रहना जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 9 August 2026, 1:22 PM IST