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वसीम अकरम और वैभव सूर्यवंशी (Img: Pinterest)
New Delhi: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के करीब 10 साल के सफर को लेकर अपनी राय रखी। उनका कहना है कि इस लीग से पाकिस्तान को कई अच्छे गेंदबाज जरूर मिले हैं, लेकिन बल्लेबाजी के क्षेत्र में वैसी प्रतिभाएं सामने नहीं आईं, जैसी उम्मीद की जाती है।
उन्होंने सवाल किया कि इतने लंबे समय में पीएसएल ने कितने ऐसे युवा बल्लेबाज तैयार किए हैं, जिन्होंने आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाई हो। अकरम के मुताबिक, किसी भी बड़ी टी20 लीग की सफलता केवल मैचों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि उससे निकलने वाली नई प्रतिभाओं से भी तय होती है।
वसीम अकरम ने अपनी बात समझाने के लिए भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कम उम्र में ही किसी खिलाड़ी का बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाना क्रिकेट व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
वैभव ने कम उम्र में आईपीएल में अपने प्रदर्शन से ध्यान खींचा और इसके बाद भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने का अवसर भी हासिल किया। अकरम का मानना है कि पाकिस्तान को भी ऐसी युवा बल्लेबाजी प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानकर उन्हें सही मंच और प्रशिक्षण देना चाहिए।
अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट में सुधार के लिए क्लब क्रिकेट को फिर से मजबूत करने की बात कही। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की असली नींव क्लब स्तर पर ही रखी जाती है।
उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में क्लब क्रिकेट के लिए पर्याप्त पैसा खर्च करने की सलाह दी। अकरम के अनुसार, किसी खिलाड़ी को सीधे बड़े मंच पर तैयार नहीं किया जा सकता। इसके लिए उसे शुरुआती स्तर से लगातार अच्छे मुकाबले, कोचिंग और अभ्यास की जरूरत होती है।
उनका कहना है कि अगर क्लब क्रिकेट मजबूत होगा तो पाकिस्तान के पास युवा खिलाड़ियों की संख्या बढ़ेगी और यही प्रतिभाएं आगे चलकर घरेलू क्रिकेट तथा पीएसएल में अपनी जगह बना सकेंगी।
वसीम अकरम को आईपीएल और पीएसएल दोनों के साथ काम करने का लंबा अनुभव है। वह 2010 से 2017 तक कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजी कोच और मेंटर रहे। उनके कार्यकाल में टीम ने दो बार आईपीएल का खिताब जीता। इसके अलावा अकरम पाकिस्तान सुपर लीग की कई टीमों के साथ भी कोच और मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं। वह इस्लामाबाद यूनाइटेड, मुल्तान सुल्तांस और कराची किंग्स से जुड़े रहे हैं। इसलिए दोनों लीग की कार्यप्रणाली को करीब से देखने का उन्हें अनुभव है।
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अकरम की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उनका फोकस केवल पीएसएल पर नहीं है, बल्कि पूरी घरेलू क्रिकेट व्यवस्था को मजबूत करने पर है। उनका मानना है कि पाकिस्तान को कम उम्र से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करनी होगी। इसके लिए क्लब क्रिकेट, घरेलू क्रिकेट और बड़ी लीग के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। अगर युवा खिलाड़ियों को सही समय पर मौका और प्रशिक्षण मिलेगा, तो पाकिस्तान भविष्य में बेहतर बल्लेबाज तैयार कर सकता है।
Location : New Delhi
Published : 12 September 2026, 4:23 PM IST