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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। बंगाल की खाड़ी और आसपास बने मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश तेज हो गई है। नेपाल सीमा से लगे तराई और पूर्वांचल के जिलों में बीते 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम में ठंडक भी बढ़ी है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शनिवार को बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों और आसपास के इलाकों में रेड अलर्ट जारी है।
बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में भी बारिश की संभावना है।
खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। लखनऊ, गोंडा, बलरामपुर, सीतापुर, बाराबंकी, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर और रायबरेली में शनिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने संबंधित स्कूलों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने 59 जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इन इलाकों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और झोंकों में इसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बारिश के साथ कुछ जिलों के वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बताया गया है। आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर समेत कई क्षेत्रों में राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों के पास बने दबाव के प्रभाव से यूपी में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान है। राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की और फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए।
लोगों से घर में रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। खुले स्थान, पेड़ और पार्कों में रुकने से बचने की सलाह दी गई है। किसी आपात स्थिति में 1070 पर सूचना देने को कहा गया है। कच्चे मकानों के आसपास जलभराव और संवेदनशील परिवारों पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
Location : Lucknow
Published : 26 September 2026, 12:07 PM IST