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यूपी में मानसून की रीएंट्री (सोर्स- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। सितंबर महीने के अंतिम दिनों में मानसून ने एक बार फिर से यू-टर्न लिया है और राज्य में इसकी री-एंट्री हो चुकी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), लखनऊ ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले कुछ दिनों तक सूबे के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ेंगी और आसमान में काले बादल छाए रहेंगे।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 25 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक का समय मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहने वाला है। राज्य के अधिकांश जिलों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। बीते 24 सितंबर को भी पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें रिकॉर्ड की गई थीं, लेकिन अब इसका दायरा पूरे उत्तर प्रदेश में फैलने जा रहा है। इन तीन दिनों के दौरान लगभग सभी जिलों में बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
इस री-एंट्री के दौरान केवल बारिश ही नहीं, बल्कि तेज आंधी भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि हवा की रफ्तार सामान्य से काफी ज्यादा रहेगी। सूबे के कई इलाकों में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से सतही हवाएं चलेंगी, जबकि कुछ संवेदनशील जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी/घंटे और आंधी के झोंकों के दौरान यह रफ्तार बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसी तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
प्रशासन और आम जनता को सतर्क करने के लिए मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया है-
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: 25 सितंबर को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली और अमेठी में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन सकती है।
येलो अलर्ट वाले क्षेत्र: राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, जौनपुर, गाजीपुर, सीतापुर, हरदोई और गोंडा समेत आसपास के तमाम क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट है।
अचानक होने वाली इस मूसलाधार बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने किसानों और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष रूप से सचेत रहने के लिए कहा है। खेतों में तैयार खड़ी फसलों को तेज हवा और बारिश से नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए किसानों को एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों के निचले और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
Location : Lucknow
Published : 25 September 2026, 7:43 AM IST