Commonwealth Games 2026: कौन हैं Sharmila Dhankar? जिन्होंने पैरा-शॉट पुट में भारत को दिलाया पहला गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा की पैरा-एथलीट शर्मिला धनखड़ ने इतिहास रचते हुए महिलाओं की F57 शॉट पुट स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। 40 वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया। घरेलू हिंसा और संघर्षों को पछाड़कर 34 की उम्र में खेल करियर शुरू करने वाली शर्मिला की यह जीत बेहद प्रेरणादायक है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 28 July 2026, 11:28 AM IST
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New Delhi: भारत ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स में इतिहास रचा है। हरियाणा की पैरा-एथलीट Sharmila Dhankar ने महिलाओं के F57 शॉट पुट इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और इस इवेंट में देश के लिए पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड हासिल किया। 40 साल की इस एथलीट ने 9.81 मीटर के अपने सीजन के बेस्ट थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया जो भारत के लिए एक यादगार उपलब्धि है।

सीजन के बेस्ट प्रदर्शन से जीत की राह बनी

शर्मिला ने फाइनल की शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उनका 9.81 मीटर का थ्रो उनके कॉम्पिटिटर्स की पहुंच से बहुत दूर था। घाना की जिनाबू इस्साह ने 8.65 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि नाइजीरिया की यूचारिया इयाजी ने 8.19 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। एक और भारतीय एथलीट, शिल्पा, चौथे स्थान पर रहीं और बहुत कम अंतर से मेडल जीतने से चूक गईं।

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शर्मिला धनखड़ कौन हैं?

हरियाणा के चित्राउली गांव में जन्मी शर्मिला धनखड़ की जिंदगी आसान नहीं रही है। उन्हें सिर्फ दो साल की उम्र में पोलियो हो गया था, जिससे उनका एक पैर प्रभावित हुआ। उन्हें अपनी निजी जिंदगी में भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कम उम्र में शादी के बाद, उन्हें दहेज की मांग और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा और आखिरकार उन्होंने अपनी दो बेटियों के साथ शादी तोड़ दी। इस मुश्किल दौर में, उन्होंने डिप्रेशन का सामना किया और आत्महत्या के बारे में भी सोचा।

पति ने किया प्रेरित

28 साल की उम्र में शर्मिला ने अजीत सिंह से शादी की। उनके पति ने ही उन्हें पैरा-एथलेटिक्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। पैरा-स्पोर्ट्स के बारे में अखबार में एक रिपोर्ट पढ़ने के बाद, उन्होंने शर्मिला को ट्रेनिंग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके सपनों को पूरा करने और ट्रेनिंग व इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन का खर्च उठाने के लिए परिवार ने 2023 में अपना घर तक बेच दिया।

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34 साल की उम्र में स्पोर्ट्स का शुरू किया सफर

जहां ज्यादातर एथलीट कम उम्र में अपना करियर शुरू करते हैं, वहीं शर्मिला ने 34 साल की उम्र में कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स में कदम रखा। 2021 में नेशनल चैंपियन बनने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अपनी छाप छोड़ी। अब 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता गया गोल्ड मेडल उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनकी यह सफलता न केवल भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि संघर्ष, साहस और दृढ़ संकल्प का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।

Location :  New Delhi

Published :  28 July 2026, 11:28 AM IST

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