क्लीन स्वीप के जख्मों पर ICC की भारी पेनल्टी: सीरीज हारने के बाद पाकिस्तान के हिस्से आए सिर्फ इतने अंक

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। तीनों मुकाबले गंवाकर सीरीज में 0-3 से क्लीन स्वीप होने के बाद टीम को अब धीमी ओवर गति की सजा भी मिली है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 14 September 2026, 6:02 PM IST
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New Delhi: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। तीनों मुकाबले गंवाकर सीरीज में 0-3 से क्लीन स्वीप होने के बाद टीम को अब धीमी ओवर गति की सजा भी मिली है। आईसीसी ने तीसरे टेस्ट में तय समय पर ओवर पूरे नहीं करने के कारण पाकिस्तान के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) खाते से 11 अंक काट दिए हैं।

तीसरे टेस्ट में 11 ओवर कम फेंके

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीसरा टेस्ट एजबेस्टन में खेला गया था। इस मुकाबले में पाकिस्तान की टीम निर्धारित समय में पूरे ओवर नहीं करा सकी। आईसीसी के मुताबिक, समय में मिलने वाली छूट को जोड़ने के बाद भी पाकिस्तान 11 ओवर पीछे रहा। धीमी ओवर गति के नियमों के तहत आईसीसी ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की। टीम के WTC खाते से 11 अंक कम कर दिए गए हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है।

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WTC अंक तालिका में और नीचे खिसका पाकिस्तान

इस पेनल्टी का पाकिस्तान की WTC स्थिति पर सीधा असर पड़ा है। 11 अंक गंवाने के बाद उसके खाते में अब सिर्फ 5 अंक रह गए हैं। टीम का अंक प्रतिशत भी घटकर करीब 4.63 प्रतिशत हो गया है। पाकिस्तान पहले ही WTC अंक तालिका में निचले स्थानों पर चल रहा था। इंग्लैंड दौरे में लगातार खराब प्रदर्शन के कारण टीम की स्थिति कमजोर होती गई।

अब धीमी ओवर गति की सजा मिलने के बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं वेस्टइंडीज के खाते में 30 अंक हैं और उसका अंक प्रतिशत करीब 20.83 है। वह पाकिस्तान से ऊपर आठवें स्थान पर बना हुआ है।

नौ टेस्ट में सिर्फ दो जीत

WTC के मौजूदा चक्र में पाकिस्तान का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अब तक नौ टेस्ट मैच खेल चुकी है, जिसमें उसे केवल दो मुकाबलों में जीत मिली है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भी पाकिस्तान पूरी तरह संघर्ष करता नजर आया। टीम एक भी मुकाबला नहीं जीत सकी और उसे 0-3 से सीरीज गंवानी पड़ी। लगातार खराब नतीजों के बाद टीम प्रबंधन ने भी कड़े फैसले लिए हैं।

दूसरे टेस्ट के बाद टीम में बड़े बदलाव

लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पाकिस्तान ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर घर भेज दिया था। इनमें मोहम्मद रिजवान, सलमान आगा और इमाम-उल-हक जैसे प्रमुख खिलाड़ी भी शामिल थे।

इसके अलावा टेस्ट टीम के हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पदों से हटा दिया गया। इन फैसलों से साफ है कि टीम प्रबंधन खराब प्रदर्शन को लेकर काफी दबाव में है।

अब दो टेस्ट सीरीज पर टिकी उम्मीदें

पाकिस्तान के पास मौजूदा WTC चक्र में वापसी के लिए अब ज्यादा मौके नहीं बचे हैं। टीम को नवंबर में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद मार्च 2027 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज प्रस्तावित है। WTC फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए पाकिस्तान को इन दोनों सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। टीम को न सिर्फ मैच जीतने होंगे, बल्कि धीमी ओवर गति जैसी गलतियों से भी बचना होगा।

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वेस्टइंडीज को भी सुधार का मौका

दूसरी ओर वेस्टइंडीज के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर है। उसकी अगली WTC सीरीज अक्टूबर में बांग्लादेश के खिलाफ होनी है। ऐसे में पाकिस्तान के सामने चुनौती काफी बड़ी है। खराब प्रदर्शन, कम अंक और अब पेनल्टी के कारण टीम की WTC फाइनल तक पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है। आने वाली दोनों टेस्ट सीरीज पाकिस्तान के लिए बेहद अहम होंगी और उनमें मिलने वाला हर अंक उसकी स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  14 September 2026, 6:02 PM IST

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