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भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिल गई है। अहमदाबाद होस्ट सिटी घोषित हुआ। 2010 के बाद पहली बार देश किसी बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट की मेजबानी करेगा। इससे भारत की ओलिंपिक 2036 दावेदारी मजबूत होगी।
20 साल बाद भारत में होगा बड़ा मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट
Ahmedabad: भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिल गई है। बुधवार को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुई कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक में अहमदाबाद को आधिकारिक रूप से होस्ट सिटी घोषित किया गया। इसके साथ ही भारत 15 साल बाद एक बार फिर इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन की मेजबानी करेगा। इससे पहले देश ने 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन किया था।
यह फैसला भारतीय खेल जगत के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि करीब 20 साल बाद भारत किसी बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट की मेजबानी करेगा। 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का कोई बहु-खेल आयोजन नहीं कराया है। तब भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 38 गोल्ड समेत कुल 101 मेडल जीते थे।
2010 के बाद फिर कमाल करने का मौका, भारत को मिली कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी@FCDOGovUK @thecgf @commonwealthsec pic.twitter.com/ikjavZyKNL
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) November 26, 2025
अहमदाबाद में होगा भव्य आयोजन, इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए अहमदाबाद को चुने जाने के पीछे शहर का तेजी से विकसित हो रहा खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और मेजबानी की क्षमता प्रमुख कारण रहे। गुजरात सरकार पिछले कई वर्षों से विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, एथलेटिक्स सिटी और ओलिंपिक स्तर की सुविधाएं विकसित कर रही है।
अहमदाबाद में पहले से मौजूद नरेंद्र मोदी स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, जिसे अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स की मेजबानी में नई पहचान मिली है।
भारत के लिए क्यों खास है यह मेजबानी?
कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी किसी भी देश के लिए केवल खेल प्रतियोगिता नहीं होती, बल्कि उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि, विकास क्षमता, व्यवस्था और विजन का प्रतीक मानी जाती है। अब तक ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और भारत सहित कुल 9 देशों ने इसकी मेजबानी की है। सबसे ज्यादा 5 बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम है। भारत की फिर से मेजबानी मिलने का अर्थ है कि देश खेलों के क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान मजबूत कर चुका है।
ओलिंपिक 2036 की दावेदारी को मिलेगी मजबूती
इस मेजबानी के साथ भारत की ओलिंपिक गेम्स 2036 को होस्ट करने की दावेदारी और मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देश की ओर से ओलिंपिक होस्ट करने की मंशा जाहिर कर चुके हैं। भारत ने पिछले साल नवंबर में ओलिंपिक-2036 के आयोजन के लिए आधिकारिक दावेदारी भी पेश कर दी थी। कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सफल रही तो यह भारत के लिए ओलिंपिक की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
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