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उत्तर दिशा का महत्व (Img- Internet)
New Delhi: क्या आप जानते हैं कि घर का एक कोना आपके करियर और बैंक बैलेंस को चमका सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा को धन, करियर और उन्नति का मुख्य केंद्र माना जाता है। इस दिशा के स्वामी धन के देवता भगवान कुबेर हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि हम अपने घर या दफ्तर की उत्तर दिशा को हमेशा साफ-सुथरा, खुला और हल्का रखते हैं, तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेजी से होता है।
इससे घर में सुख, शांति और धन का आगमन अपने आप होने लगता है और परिवार के सदस्यों की लगातार उन्नति होती जाती है। वास्तव में, अगर घर का वास्तु सही हो, तो जीवन की दिशा भी सही हो जाती है।
वास्तु नियमों के मुताबिक, कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें उत्तर दिशा में रखने या बनवाने से भारी आर्थिक नुकसान और करियर में रुकावटें आ सकती हैं। नॉर्थ दिशा में कभी भी किचन (रसोई घर) या टॉयलेट (शौचालय) नहीं बनवाना चाहिए।
इसके अलावा, इस दिशा में भूलकर भी डस्टबिन (कूड़ेदान) या भारी कबाड़ न रखें। रंग चुनते समय भी सावधानी बरतें; उत्तर दिशा की दीवारों पर कभी भी गहरे या काले रंगों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा को सोख लेते हैं।
यदि आपके घर में अनजाने में उत्तर दिशा से जुड़ा कोई वास्तु दोष पैदा हो गया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके निवारण के लिए आप अपने घर के मेन गेट या उत्तर दिशा में पानी का एक छोटा फाउंटेन (जल प्रपात) लगवा सकते हैं। बहते पानी की आवाज और उसकी उपस्थिति वास्तु दोष को दूर करती है। इसके साथ ही इस हिस्से में सुंदर हरे-भरे पौधे रखें, जो वातावरण में सकारात्मकता और ताजगी का संचार करते हैं।
जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए उत्तर दिशा में कुछ विशेष चीजें रखना अमृत के समान माना गया है। धन और कीमती जेवर रखने वाली अलमारी या तिजोरी को हमेशा उत्तर दिशा में रखें, ताकि उसका मुख उत्तर की ओर खुले।
पानी से जुड़ी चीजें जैसे वॉटर प्यूरीफायर, घड़ा या शो-पीस इस दिशा में रखना शुभ होता है। इसके अलावा, पढ़ाई या करियर में सफलता के लिए स्टडी टेबल या ऑफिस डेस्क इसी दिशा में स्थापित करें। इस हिस्से की दीवारों पर हमेशा हल्के और सौम्य रंगों (जैसे हल्का नीला या हरा) का प्रयोग करें, जिससे सकारात्मक सोच उत्पन्न होती है।
Location : New Delhi
Published : 12 June 2026, 11:51 AM IST