हिंदी
किसानों की महापंचायत
Hanumangarh: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित एथनॉल प्लांट के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों की बड़ी जीत हुई हैं। पिछले कई दिनों से फैक्ट्री लगाने का चल रहा विरोध आखिरकार रगं लाया और कंपनी ने बड़ा फैसला लेते हुए अब एथनॉल प्लांट न लगाने का निर्णय लिया हैं। 450 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जिसमें सरकार ने प्लांट की पर्यावरणीय व्यवहार्यता की व्यापक जांच का आदेश देने का फैसला किया है।
हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री पर बवाल: महापंचायत के बाद भड़की हिंसा, हालात तनावपूर्ण; इंटरनेट बंद
प्लांट अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोई भी कंस्ट्रक्शन का काम फिर से शुरू नहीं किया जाएगा। सभी स्टेकहोल्डर्स द्वारा साइन किए गए इस एग्रीमेंट को विरोध कर रहे किसानों के लिए एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले, किसानों ने 17 दिसंबर को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करने की योजना की घोषणा की थी, और चेतावनी दी थी कि यह प्लांट पर्यावरण प्रदूषण को और खराब करेगा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगा। अब जब जांच का आदेश दे दिया गया है, तो कंपनी को आगे बढ़ने से पहले पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।
मैनेजमेंट ने पहले ही साफ कर दिया था कि, एथेनॉल प्लांट से कोई प्रदूषण नहीं होगा और इससे किसानों को काफी फायदा होगा।एथेनॉल बहुत फायदेमंद है, यह न केवल किसानों की इनकम बढ़ाता है बल्कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार को भी सपोर्ट करता है। लेकिन किसानों के विरोध के सामने कंपनी को अपने निर्णय को बदलना पड़ा।
Location : Rajasthan
Published : 20 December 2025, 2:28 PM IST
Topics : company Ethanol Plant farmers Hanumangarh Rajasthan