नौकरी के नाम पर अब एक रुपया भी मांगा तो खैर नहीं! सीएम योगी के कड़क अंदाज ने यूपी की सियासत और व्यवस्था में ला दिया भूचाल

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अगर किसी अभ्यर्थी से पैसे मांगे गए तो क्या होगा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 22 September 2026, 5:20 PM IST
google-preferred

Lucknow: लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों से नौकरी के नाम पर किसी तरह के लेनदेन की मांग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से पैसे मांगे जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी को जेल जाना पड़ सकता है।

3,567 अभ्यर्थियों को सौंपे गए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल नियुक्ति पत्र देने तक सीमित नहीं है, बल्कि माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य जैसे पदों पर चयनित लोगों को जिम्मेदारी सौंपने का अवसर भी है।

अयोध्या, काशी से लेकर मथुरा-वृंदावन तक; यूपी की आध्यात्मिक विरासत पर CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान

पुराने भर्ती तंत्र पर साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्व की भर्ती प्रक्रियाओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले प्रतिभावान युवाओं को उनके अधिकार से वंचित किए जाने की शिकायतें सामने आती थीं। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर 'सैफई सिंडिकेट' का उल्लेख किया और कहा कि अब ऐसी व्यवस्था को दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप/बयान है।

आठ लाख रुपये मांगने का सुनाया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने हाल में नियुक्ति पाने वाले एक युवक का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उस युवक ने बताया था कि वर्ष 2015-16 में आवेदन के दौरान उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, युवक पैसे की व्यवस्था कर नौकरी पाने की कोशिश में लगा, लेकिन उससे अधिक रकम देने वाला दूसरा अभ्यर्थी आ गया और उसका चयन नहीं हो सका। योगी ने कहा कि बाद में पूरी प्रक्रिया निरस्त हुई और अब उसी पद पर उस युवक की नियुक्ति हुई है।

नौ साल में 9.5 लाख नियुक्तियों का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। उन्होंने बताया कि हाल के एक सप्ताह में 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसके अलावा अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य बताया गया।

हुदा जरीवाला पहुंची हवालात, योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर डीएम के खिलाफ बोलने की मिली सजा!

शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उनके अनुसार, सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी इसका लाभ ले रहे हैं। बेसिक शिक्षा व्यवस्था में रसोइयों और शिक्षामित्रों समेत अन्य कर्मियों को भी इस सुविधा से जोड़ा गया है।

यूपी की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पिछले वर्षों में तीन गुना हुई है और प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Location :  Lucknow

Published :  22 September 2026, 5:20 PM IST

Related News

Advertisement