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संसद का विशेष सत्र
New Delhi: राजधानी में संसद का विशेष सत्र आज से शुरू होते ही सियासी हलचल तेज हो गई, जब केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन विधेयक 2026 पेश किया। इस दौरान विपक्ष की ओर से K. C. Venugopal ने कई अहम सवाल उठाए, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। सरकार इस सत्र में तीन बड़े विधेयक लाने जा रही है, जिनका मकसद महिला आरक्षण कानून को लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना है। यह सत्र न केवल विधायी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राजनीतिक टकराव और बहस के चलते आने वाले समय की दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है।
लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बोले- ‘राइट टू वोट राजनीतिक न्याय’ #LokSabha #ArjunRamMeghwal #Parliament #ParliamentSession @arjunrammeghwal @BJP4India pic.twitter.com/SpmjpY8fZO
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संविधान संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा शुरू, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल बोले- यह ऐतिहासिक निर्णय का वक्त
Akhilesh Yadav क्यों बोले- जब प्रधानमंत्री को पिछड़ों से वोट चाहिये था...#Akhileshyadav #Samajwadiparty @Samajwadiparty @Dimpleyadav @yadavakhilesh #ParliamentSpecialSession pic.twitter.com/6v3XYhG2fg
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लोकसभा में पेश तीनों बिलों पर 17 अप्रैल शाम 4 बजे वोटिंग होगी, जबकि आज और कल इन पर चर्चा जारी रहेगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सुनने और जवाब देने के लिए तैयार है। चर्चा के लिए 12 घंटे का समय तय किया गया है।
बिलों को पुनर्स्थापित करने के लिए पहले ध्वनि मत से पास कराने की कोशिश हुई, लेकिन विपक्ष की मांग पर मत विभाजन कराया गया। इसके बाद हुई वोटिंग में पक्ष में 251 और विपक्ष में 185 वोट पड़े, जिससे सरकार को स्पष्ट बढ़त मिल गई।
Dimple Yadav ने संसद में पूछा सवाल- जब 2023 में पास हुआ महिला आरक्षण बिल तो क्यों नहीं लागू किया उसी वक्त?@samajwadiparty @dimpleyadav #WomenReservation #Parliament #IndianPolitics #SP #LokSabha #BreakingNews #IndiaNews pic.twitter.com/IcmCR5Hcth
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सदन में बिल पेश करने के लिए पहले ध्वनि मत से पारित कराने की कोशिश हुई, लेकिन विपक्ष ने मत विभाजन की मांग की। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने वोटिंग की अनुमति दी, जिसमें पक्ष में 207 और विपक्ष में 126 वोट पड़े।
"खुफिया लोगों की गुप्त योजना है महिला आरक्षण बिल"- संसद में अखिलेश यादव का बयान#WomenReservationBill #ParliamentDebate #PoliticalNews @yadavakhilesh @samajwadiparty @dimpleyadav @mediacellsp pic.twitter.com/KsTxjw7n6J
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डीएमके सांसद टी. आर. बालू ने सदन में पेश तीनों बिलों का कड़ा विरोध करते हुए इन्हें सैंडविच बिल बताया और कहा कि ये आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए उनकी पार्टी विरोध कर रही है। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने टिप्पणी की कि काले या पीले झंडे दिखाने से सदन की कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ता।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने जनगणना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। इस पर अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि जनगणना प्रक्रिया जारी है और सरकार जातीय जनगणना कराने का भी निर्णय ले चुकी है।
लोकसभा में परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव के पेश होते ही जोरदार हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसका कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि संसद का दायित्व संविधान की रक्षा करना है, न कि उसकी मूल भावना को कमजोर करना। उन्होंने आरोप लगाया कि डिलिमिटेशन प्रक्रिया को जनगणना से अलग करना संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है।
अर्जुन राममेघवाल ने लोकसभा में परिसीमन बिल पेश किया।
लोकसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही सदन का माहौल भावुक हो गया। शुरुआत में सांसदों ने महान गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
Location : New Delhi
Published : , IST
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