DN Investigation: तहरीर में था पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का नाम, FIR से हुआ गायब! राहुल सिंह केस में बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश के होनहार ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की कथित संलिप्तता को लेकर परिजन एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं। डाइनामाइट न्यूज़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 21 July 2026, 6:33 PM IST
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New Delhi: एक सप्ताह पहले यूपी के प्रतिभाशाली ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह की संदिग्ध मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अब उनके परिजनों ने इस मामले में नए खुलासे किए हैं।

राहुल सिंह, उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी थे और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के डिजाइन इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर में शोधरत थे। करीब छह वर्ष पहले उन्होंने बिना डीजल-पेट्रोल के चलने वाला बैटरी संचालित ट्रैक्टर विकसित कर राष्ट्रीय पहचान बनाई थी। यह प्रदूषण-मुक्त ट्रैक्टर तीन घंटे में लगभग एक एकड़ खेत की जुताई कर सकता था और इसकी अधिकतम गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा थी। उन्होंने छोटे ड्रोन भी विकसित किए थे। राहुल ने मात्र 13 वर्ष की उम्र से लगातार तीन वर्षों तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) में प्रथम स्थान हासिल किया था। उनके अन्य प्रमुख नवाचारों में रोटी मेकर और बैटरी संचालित पर्यावरण-अनुकूल साइकिल भी शामिल थीं।

मूल तहरीर में था दुर्गा शंकर मिश्रा का नाम

लखनऊ के एक प्रसिद्ध होटल में 14 जुलाई को राहुल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। इसके अगले दिन, 15 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे राहुल के भाई रोहित सिंह ने लखनऊ के विभूति खंड थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए दो पन्नों की तहरीर दी। इसे थाने के रजिस्टर में क्रम संख्या-3 पर दर्ज किया गया। परिजनों के अनुसार, इस तहरीर में आरोपी के तौर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का नाम दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित उनके आवास के पते के साथ स्पष्ट रूप से लिखा गया था।

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यही नहीं, राहुल के परिजनों ने दुर्गा शंकर मिश्रा के नाम वाली इसी तहरीर की कॉपी 15 जुलाई को दोपहर 3:15 बजे लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर को उनके मोबाइल नंबर 800404XXXX  पर व्हाट्सऐप भी की।

साथ ही टेक्स्ट मैसेज में लिखा: "बाल वैज्ञानिक ड्रोन मैन ऑफ इंडिया मृतक राहुल सिंह के परिजनों द्वारा षड्यंत्रकारी रिटायर्ड IAS दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व चीफ सेक्रेटरी उत्तर प्रदेश शासन व उनके बिजनेस पार्टनर चंद्रभूषण मिश्रा के विरुद्ध थानाध्यक्ष विभूति खंड को मुकदमा पंजीकृत करने के लिए लिखित तहरीर दी गई है।"

Major revelation in the Rahul Singh case

मृतक राहुल सिंह (दायें से दूसरे) के साथ पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा (बाएं से दूसरे) के दिल्ली आवास पर की तस्वीर आई सामने, साथ में बिजनेस पार्टनर चंद्रभूषण मिश्रा और उनके बच्चे (स्रोत: राहुल के परिजन)

FIR दर्ज करने में दो दिन क्यों लगे?

मृतक के बड़े भाई रोहित सिंह ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया: "15 जुलाई को दोपहर में ही थानाध्यक्ष और CP को तहरीर दिए जाने के बावजूद हमारी एफआईआर दो दिन बाद 17 जुलाई को दर्ज की गई। पुलिस पहले एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं थी। जब हमने लगातार दौड़-भाग की, तब जाकर किसी तरह एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन हम यह देखकर हैरान रह गए कि आरोपी दुर्गा शंकर मिश्रा का नाम एफआईआर से गायब था। यही नहीं, तहरीर बदलकर एफआईआर में यह लिख दिया गया कि राहुल ने आत्महत्या की है।"

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राहुल सिंह पंखे के अपने नवाचार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को दिखाते हुए। (स्रोत: राहुल के परिजन)

क्या धोखे से करवाया गया हस्ताक्षर?

16 जुलाई को परिजनों ने पैतृक महराजगंज जनपद में राहुल सिंह का अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार के बाद रात करीब साढ़े 7 बजे कोठीभार थाने के थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा और एसडीएम वहां पहुंचे। थानेदार ने मृतक के भाई रोहित से कहा कि थाने चलना है, शव से संबंधित कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने हैं। इसके बाद रोहित पुलिस की गाड़ी में बैठकर थाने पहुंचा।

थाने में उसे बताया गया कि लखनऊ से दरोगा और सिपाही आए हैं। इन लोगों ने रोहित से कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करने को कहा। रोहित ने उनके कहने पर बिना पढ़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए। अब परिजनों को आशंका है कि भाई को खोने के गम में परेशान रोहित की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर पुलिसकर्मियों ने बदली हुई तहरीर पर धोखे से हस्ताक्षर करवा लिए होंगे।

सवाल यह उठता है कि जब 15 जुलाई को पोस्टमार्टम हो चुका था और मृतक के भाई ने स्वयं थाने जाकर तथा पुलिस कमिश्नर को तहरीर भेज दी थी, तो शव से संबंधित ऐसे कौन से दस्तावेज थे, जिन पर हस्ताक्षर करवाना इतना जरूरी था कि लखनऊ से पुलिसकर्मी आनन-फानन में लगभग 380 किलोमीटर दूर मृतक के घर पहुंच गए?

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इंडिया इंटरनेशनल साइंस फ़ेस्टिवल 2019 में बालक राहुल सिंह (स्रोत: राहुल के परिजन)

एक दिन बाद पोस्टमार्टम क्यों हुआ?

लखनऊ पुलिस ने राहुल का शव 14 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे होटल के कमरे से बरामद कर लिया था। परिजनों का आरोप है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बजाय पुलिसकर्मी लगातार दबाव बनाते रहे कि "लाश घर ले जाओ, इस केस में कुछ नहीं होगा।" इसके बावजूद परिजन डॉक्टरों का पैनल गठित कर वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े रहे। अंततः पुलिस ने एक दिन बाद पोस्टमार्टम कराया।

इस दौरान परिजनों ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर को उनके मोबाइल पर लिखित मैसेज भेजकर कहा: "बाल वैज्ञानिक ड्रोन मैन ऑफ इंडिया की प्लानिंग के तहत हत्या की गई है।"

Major revelation in the Rahul Singh case

बाल्यावस्था से ही मेधावी रहे राहुल सिंह अपने नवाचार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को दिखाते हुए। (स्रोत: राहुल के परिजन)

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अनसुलझे तथ्य

पुलिस कमिश्नर के संज्ञान में पूरी तहरीर होने के बावजूद उसका कथित रूप से बदला जाना, आरोपी दुर्गा शंकर मिश्रा का नाम एफआईआर से गायब होना और एफआईआर में संदिग्ध मौत के बजाय आत्महत्या लिखा जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर तहरीर और एफआईआर में इतना बड़ा बदलाव क्यों और किन परिस्थितियों में हुआ? क्या यह किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने की कोशिश तो नहीं है?

इधर, आरोपों के घेरे में आए दुर्गा शंकर मिश्रा को सेवानिवृत्ति के बाद भारत सरकार द्वारा मई महीने में गठित जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च स्तरीय समिति का सदस्य नामित किया गया है। दुर्गा शंकर मिश्रा ढाई वर्ष तक उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव रहे हैं। इसके अलावा, वह भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और सचिव के रूप में लगातार साढ़े सात वर्ष तक कार्यरत रहे हैं।

इस संबंध में डाइनामाइट न्यूज़ ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर से भी बातचीत कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन अभी तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।

वहीं, परिजनों के आरोपों के संबंध में डाइनामाइट न्यूज़ ने पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा से भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उनकी ओर से भी कोई उत्तर नहीं मिला।

डाइनामाइट न्यूज़ को जैसे ही उनका पक्ष प्राप्त होगा, उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Location :  New Delhi

Published :  21 July 2026, 5:58 PM IST

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