UP Election: यूपी चुनाव की तैयारियों में जुटा आयोग, EVM की जांच से लेकर GPS ट्रैकिंग और ट्रेनिंग पर बड़ा फैसला

विधान सभा चुनाव की तैयारियों के तहत लखनऊ में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 14 September 2026, 7:27 PM IST
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Lucknow: 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि EVM और VVPAT की 'फर्स्ट लेवल चेकिंग' (FLC) पूरी पारदर्शिता और तय नियमों का सख्ती से पालन करते हुए की जाए। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक वर्कशॉप में 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप-जिला निर्वाचन अधिकारियों और FLC सुपरवाइजरों को चुनाव मशीनों की तकनीकी जांच और उससे जुड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई।

33 जिलों के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई

डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAM) में आयोजित वर्कशॉप में, वरिष्ठ उप-निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने अधिकारियों को FLC प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जोर दिया कि FLC चुनाव तैयारियों का शुरुआती लेकिन अहम चरण है; इसलिए किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और इसके लिए हर दिन एक निश्चित समय तय करने का निर्देश दिया।

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'OK' मशीनों की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी

मनीष गर्ग ने निर्देश दिया कि FLC पूरी होने के बाद सही पाई गई मशीनों जिन्हें 'OK' मशीनें कहा जाता है की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की जानी चाहिए और उनसे औपचारिक पावती प्राप्त की जानी चाहिए। उन्होंने FLC प्रक्रिया, राजनीतिक दलों की भागीदारी और तय नियमों के पालन के बारे में जनता तक जानकारी पहुंचाने के महत्व पर भी जोर दिया।

बिना अनुमति के EVM को कहीं नहीं ले जाया जाएगा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि चुनाव से जुड़ी हर प्रक्रिया पारदर्शिता, सतर्कता और समयबद्धता के साथ पूरी हो। राजनीतिक दलों को FLC की तारीखों की समय पर सूचना देने और चुनाव रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना EVM को कहीं भी ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मशीनों के परिवहन के दौरान GPS ट्रैकिंग और तय रूट का पालन करना अनिवार्य होगा।

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रैंडमाइजेशन से लेकर वोटों की गिनती तक की ट्रेनिंग

वर्कशॉप के दौरान विशेषज्ञों ने अधिकारियों को EVM संचालन, रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, वोटिंग, वोटों की गिनती और गिनती के बाद की प्रक्रियाओं के बारे में ट्रेनिंग दी। विशेषज्ञ इंजीनियरों ने मशीनों के तकनीकी डिजाइन और सुरक्षा फीचर्स के बारे में जानकारी दी। ट्रेनिंग में 'फर्स्ट लेवल चेकिंग' (FLC) के दौरान आने वाली आम तकनीकी दिक्कतों और उनसे बचने के तरीकों को भी शामिल किया गया।

दो वर्कशॉप पहले ही हो चुकी

इससे पहले 19 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर में 21 जिलों के अधिकारियों के लिए और 11 सितंबर को वाराणसी में अन्य 21 जिलों के अधिकारियों के लिए FLC वर्कशॉप आयोजित की गई थीं। सोमवार की वर्कशॉप के साथ राज्य के 33 और जिलों के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अखंड प्रताप सिंह, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह और निर्वाचन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Location :  Lucknow

Published :  14 September 2026, 7:27 PM IST

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