जिस नेता ने मंडल से शुरू किया था सफर, अब राज्यसभा जाएंगे रामप्रताप सिंह चौहान; जानिए पूरा राजनीतिक सफर

आगरा के पूर्व विधायक और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान को पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। 1991 में भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर महानगर, जिला और प्रदेश संगठन की जिम्मेदारियों से होते हुए विधानसभा और अब राज्यसभा तक पहुंचा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 5 October 2026, 4:42 PM IST
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New Delhi: भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। इनमें आगरा के पूर्व विधायक और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान का नाम भी शामिल है। 16 अक्टूबर को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। रामप्रताप सिंह चौहान की खास पहचान ऐसे नेता की रही है, जिन्होंने संगठन में निचले स्तर से शुरुआत की और अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए प्रदेश संगठन में अपनी जगह बनाई।

1991 में भाजयुमो मंडल अध्यक्ष से शुरुआत

रामप्रताप सिंह चौहान का राजनीतिक सफर वर्ष 1991 में शुरू हुआ। उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा में मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। 1991 से 1994 तक वह आगरा में भाजयुमो मंडल अध्यक्ष रहे। इसके बाद संगठन में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती गईं। वर्ष 1994 से 1998 तक उन्होंने महानगर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली, जबकि 1998 से 2001 तक वह महानगर अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2001 से 2005 के बीच उन्हें ब्रज क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया। इस दौरान उन्होंने संगठन के विस्तार और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

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जिला संगठन से प्रदेश नेतृत्व तक बढ़ा कद

संगठन में लंबे समय तक काम करने के बाद रामप्रताप सिंह चौहान को प्रदेश स्तर पर भी जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2005-06 में वह बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। इसके बाद 2006-07 में उन्होंने आगरा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2007 से 2012 के बीच वह ब्रज क्षेत्र में प्रदेश महामंत्री की भूमिका में रहे। इसके बाद 2013 से 2016 तक प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इस तरह करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक उन्होंने बीजेपी संगठन के अलग-अलग स्तरों पर काम किया।

2017 में पहली बार बने विधायक

संगठन में लंबे अनुभव के बाद रामप्रताप सिंह चौहान ने चुनावी राजनीति में कदम बढ़ाया। वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें एत्मादपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। 2017 के चुनाव में राम प्रताप सिंह को 1,37,381 वोट मिले थे और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 47,255 वोटों के अंतर से हराया था। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें एत्मादपुर से टिकट नहीं दिया।

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2023 में फिर मिली प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी

विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं मिलने के बाद भी रामप्रताप सिंह चौहान संगठन में सक्रिय रहे। वर्ष 2023 में उन्हें बीजेपी का प्रदेश महामंत्री बनाया गया। जून 2026 में बीजेपी की नई प्रदेश टीम के गठन के दौरान उन्हें एक बार फिर प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई। यानी पार्टी संगठन में उनकी भूमिका लगातार बनी रही। इसके बाद अगस्त 2026 में बीजेपी ने उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया।

पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी से राज्यसभा तक

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के कुछ ही समय बाद अब बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की ओर से घोषित आठ उम्मीदवारों में रामप्रताप सिंह चौहान भी शामिल हैं। यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है।

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 4:42 PM IST

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