बेतिया में CEC के खिलाफ भाकपा का हल्लाबोल: इमली चौक पर धूं-धूं कर जला पुतला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से गर्माया माहौल

बेतिया में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भाकपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। विरोध मार्च के बाद इमली चौक पर पुतला दहन किया गया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 26 September 2026, 7:08 PM IST
google-preferred

 West Champaran: बिहार के पश्चिमी चंपारण में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पश्चिमी चंपारण के बेतिया में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। जिला कार्यालय से निकला विरोध मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए इमली चौक पहुंचा।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी आक्रोशपूर्ण नजर आया। कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, इस्तीफा दो’ और ‘लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार को जेल में बंद करो’ जैसे नारे लगाए। हालांकि, ये नारे प्रदर्शनकारियों के आरोप और राजनीतिक विरोध का हिस्सा थे, न कि किसी न्यायिक निष्कर्ष का। भाकपा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

पश्चिमी चंपारण में बाघ का आतंक: 24 घंटे में दो लोगों की मौत से मचा हड़कंप, दहशत में ग्रामीण

इमली चौक पर फूंका गया पुतला

जुलूस के इमली चौक पहुंचने के बाद भाकपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। भाकपा नेताओं ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और मतदाताओं के भरोसे को बनाए रखना निर्वाचन आयोग की अहम जिम्मेदारी है। पार्टी का कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों या आम लोगों के बीच संदेह पैदा होता है, तो निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता पर इसका असर पड़ सकता है।

भाकपा ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल

प्रदर्शन के जरिए भाकपा ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध खुलकर सामने रखा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग करते हुए कार्रवाई की मांग भी उठाई।

यह विरोध ऐसे समय में सामने आया जब बिहार की चुनावी राजनीति में निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदान और चुनावी तैयारियों को लेकर कई सार्वजनिक जानकारियां भी दी थीं।

नेपाल के जलप्रलय से पश्चिमी चंपारण में अलर्ट, गंडक नदी पर टिकी नजरें; सम्राट चौधरी का ‘ऐक्शन मोड’ में

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

बेतिया में हुए इस प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति, जिला नेता बब्लू दूबे, चन्द्रिका प्रसाद, ज्वाला कांत द्विवेदी, मनोज साह, युवा नेता इदू अंसारी, संजय सिंह, महिला नेत्री आरती, शिवजी राय, कैलाश प्रसाद, राजीव कुमार, अंजारूल, गुलाब प्रसाद और नन्दू साह समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाकपा ने साफ किया कि वह निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर किसी भी तरह का सवाल गंभीर विषय है।

बेतिया में पुतला दहन और नारेबाजी के जरिए भाकपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना राजनीतिक विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने इस्तीफे और कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित खामियों और पारदर्शिता से जुड़े सवालों को फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

Location :  West Champaran

Published :  26 September 2026, 7:08 PM IST

Advertisement