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एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई (Img: AI Generated)
New Delhi: देश भर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाये जा रहे सवालों के बीच इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा अपडेट सामने आया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर होने वाली सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। चुनाव आयोग समेत याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से 10 दिन का समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने आज के लिए इस केस पर सुनवाई टाल दी।
चुनाव आयोग समेत सभी याचिकाकर्ताओं की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर 17 नवंबर को सुनवाई करेगा।
अब अगले 10 दिनों में चुनाव आयोग समेत सभी याचिकाकर्ताओं को सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाब और हलफानामा दाखिल करना होगा, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा और मामले पर उचित फैसला लेगा।
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बता दें कि विपक्षी नेताओं ने अदालत से मांग की है कि SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने पर विचार किया जाए। साथ ही चुनाव आयोग के फैसलों की जांच हो और प्रक्रिया से जुड़े सभी जरूरी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो।
सुनवाई से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'सत्यम् शिवम् सुन्दरम्' लिखकर पोस्ट किया। इसके साथ उन्होंने भगवान शिव के त्रिपुंड वाली तस्वीर भी साझा की। इससे पहले राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन की तुलना भगवान शिव के तांडव से की थी। उन्होंने कहा था कि उनका विरोध किसी तय योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
विपक्ष की याचिका पर जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने अदालत में हलफनामा दाखिल किया है। आयोग के मुताबिक, SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर लिए थे। आयोग ने एकतरफा निर्णय लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी फैसले सर्वसम्मति से किए गए।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) की सहमति के बाद ही किसी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। आयोग के अनुसार, फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस फॉर्म का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है।
12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं का सुप्रीम कोर्ट तक किया गया विरोध प्रदर्शन भी शामिल है। इसके बाद 13 विपक्षी नेताओं ने याचिका दाखिल की थी। 15 अक्टूबर को हुई पहली सुनवाई के दौरान अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत अन्य चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया था। साथ ही मामले को SIR से संबंधित पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ने का निर्देश दिया गया था।
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याचिका दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने उसमें 14 तकनीकी खामियां बताई थीं। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की अस्पष्ट फोटो कॉपी और कुछ जरूरी दस्तावेजों की कमी भी शामिल थी। इन कमियों को दूर करने के बाद याचिका को आगे की प्रक्रिया के लिए ठीक किया गया।
Location : New Delhi
Published : 27 October 2026, 1:19 PM IST