नेपाल के जलप्रलय से पश्चिमी चंपारण में अलर्ट, गंडक नदी पर टिकी नजरें; सम्राट चौधरी का ‘ऐक्शन मोड’ में

नेपाल की आपदा के बाद गंडक में कितना बढ़ा पानी और क्या बिहार पर मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा? CM सम्राट चौधरी ने वाल्मीकिनगर पहुंचकर बैराज का निरीक्षण किया। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 27 August 2026, 5:20 PM IST
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West Champaran: नेपाल में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर पहुंचे। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और सीमावर्ती इलाकों पर संभावित खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बेतिया-बगहा मार्ग से वाल्मीकिनगर पहुंचने से पहले गंडक नदी और आसपास के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।

उन्होंने नदी के जलप्रवाह और इलाके की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैराज के फाटकों, जल निकासी व्यवस्था और कंट्रोल रूम की स्थिति देखी। कंट्रोल रूम में अधिकारियों से गंडक नदी के वर्तमान जलस्तर, नेपाल से आने वाले पानी और बैराज से छोड़े जा रहे पानी की जानकारी ली।

नेपाल की स्थिति पर बिहार सरकार की नजर

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नेपाल में जिस तरह की प्राकृतिक आपदा आई है, वह निश्चित रूप से चिंता का विषय है, लेकिन फिलहाल बिहार में स्थिति नियंत्रण में है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान का आशीर्वाद रहा कि नेपाल की आपदा का बिहार पर अपेक्षित रूप से गंभीर असर नहीं पड़ा। मुख्यमंत्री ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि नेपाल में होने वाली भारी बारिश और प्राकृतिक घटनाओं का सीधा असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है। इसलिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और नेपाल की परिस्थितियों के साथ-साथ गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज

मुख्यमंत्री ने बताया कि बारिश के कारण नदियों में पानी की मात्रा कुछ बढ़ी है और करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में किसी बड़े खतरे की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर और बैराज की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आगे अत्यधिक बारिश नहीं हुई और मौसम ने साथ दिया तो स्थिति पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद है। इसके बावजूद प्रशासन को किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

सम्राट चौधरी हवाई सर्वेक्षण करते हुए(Img: Dynamite News)

PM और गृह मंत्री भी ले रहे हालात का जायजा

सम्राट चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार भी बिहार की स्थिति को लेकर गंभीर है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री लगातार बिहार के साथ उत्तर प्रदेश की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के साथ बाढ़ की संभावित स्थिति की निगरानी की जा रही है।नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक समेत कई नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण सहित आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ी थी। ऐसे में सरकार का फोकस तटबंधों, नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों पर बना हुआ है।

मंत्री और अधिकारी भी रहे मौजूद

गंडक बैराज के निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने भी बैराज की व्यवस्थाओं और बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया। मौके पर जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह, बगहा एसडीएम चांदनी कुमार, बगहा एसपी राजेश कुमार, एसडीपीओ निहार भूषण सहित जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि नेपाल से आने वाले पानी में अचानक वृद्धि की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। तटबंधों और जलजमाव वाले संभावित इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के साथ राहत और बचाव व्यवस्था को भी जरूरत के अनुसार सक्रिय रखा जाए।

खतरा टला, लेकिन सतर्कता जारी

फिलहाल बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे के बीच राहत की स्थिति है। मुख्यमंत्री के मुताबिक हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, मानसून के दौरान नदियों के जलस्तर में अचानक बदलाव की संभावना बनी रहती है। यही वजह है कि सरकार ने फिलहाल राहत के साथ सतर्कता भी बरकरार रखी है। मुख्यमंत्री के वाल्मीकिनगर दौरे का संदेश साफ है—अभी घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन नेपाल और बिहार की नदियों की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।

Location :  West Champaran

Published :  27 August 2026, 5:20 PM IST

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