पुराना तकिया बन सकता है बीमारियों की वजह, जानिए कब बदलना जरूरी और कैसे रखें साफ

अच्छी नींद और बेहतर स्वास्थ्य के लिए सही तकिया बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार तकिया हर 1 से 2 साल में बदलना चाहिए। पुराना तकिया एलर्जी, गर्दन दर्द और त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है, इसलिए इसकी सफाई और समय पर बदलाव जरूरी है।

Updated : 23 March 2026, 1:26 PM IST
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1 / 5 \"Zoom\"अच्छी नींद के लिए तकिए की अहम भूमिका होती है, लेकिन इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार तकिया हर 1 से 2 साल में बदल देना चाहिए, ताकि वह साफ, सपोर्टिव और एलर्जी से मुक्त बना रहे और नींद की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
2 / 5 \"Zoom\"अगर सुबह उठते समय गर्दन में दर्द, अकड़न या आरामदायक पोजिशन न मिले, तो यह संकेत है कि तकिया खराब हो चुका है। समय के साथ तकिए चपटे हो जाते हैं या उनमें गांठें पड़ जाती हैं, जिससे सही सपोर्ट नहीं मिलता और नींद प्रभावित होती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
3 / 5 \"Zoom\"अलग-अलग मटेरियल के तकियों की उम्र अलग होती है। पॉलिएस्टर तकिए करीब एक साल चलते हैं, जबकि लेटेक्स या हाई-क्वालिटी फोम तकिए दो से तीन साल तक टिक सकते हैं। इसलिए तकिया चुनते समय उसकी क्वालिटी और मटेरियल पर ध्यान देना जरूरी होता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
4 / 5 \"Zoom\"तकिए की नियमित सफाई बेहद जरूरी है। हर बार चादर बदलते समय तकिए का कवर भी धोना चाहिए। कई तकिए मशीन में धोए जा सकते हैं, जिससे उनमें जमा धूल, पसीना और गंदगी साफ होती है और उनकी उम्र भी कुछ हद तक बढ़ जाती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
5 / 5 \"Zoom\" पुराने तकियों में धूल, फंगस, बैक्टीरिया और एलर्जन जमा हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। इससे एलर्जी, त्वचा की समस्या और सांस से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए समय पर तकिया बदलना और साफ रखना सेहत के लिए बेहद जरूरी है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 23 March 2026, 1:26 PM IST

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