बंगाल की ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, शीर्ष अदालत ने सुनाया ये बड़ा फैसला

पश्चिम बंगाल सरकार को गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला पश्चिम बंगाल सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 February 2026, 12:28 PM IST
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New Delhi: पश्चिम बंगाल सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत के इस फैसले से बंगाल सरकार को बड़ा झटका लगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के लगभग 20 लाख सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से चल रहे महंगाई भत्ते (DA) के विवाद पर फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों को 2008 से 2019 तक की अवधि का DA बकाया भुगतान किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी दोहराया कि, अदालत अपने पहले के अंतरिम आदेश को भी जारी रखेगी, जिसमें बकाया राशि का कम से कम 25 प्रतिशत भुगतान 6 मार्च तक जारी किया जाना चाहिए।

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इस समिति की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा करेंगी। समिति में दो सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कैग (CAG) के एक वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया गया है, जो भुगतान की समय-सीमा और व्यावहारिक ढांचे को अंतिम रूप देंगे।

राज्य सरकार का फैसला ‘मनमाना’ करार

कोर्ट ने इस मामले में अनुच्छेद 309 के तहत राज्य की शक्तियों, ROPA नियमों की व्याख्या और DA की प्रकृति से जुड़े 13 अहम सवालों पर विचार किया। पीठ ने कहा कि DA कोई स्थिर अवधारणा नहीं है, बल्कि यह महंगाई के अनुरूप बदलने वाली गतिशील व्यवस्था है।

अदालत ने DA से जुड़े नियमों में राज्य सरकार द्वारा किए गए बदलाव को ‘मनमाना’ और ‘सनकी’ बताया। कोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों के मन में इससे एक वैध अपेक्षा (Legitimate Expectation) पैदा हुई थी, जिसे बिना ठोस कारण के तोड़ा गया।

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वित्तीय तर्कों पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी डालने से जुड़ी राज्य की दलीलों को भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि वित्तीय नीति किसी वैधानिक अधिकार के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि साल में दो बार DA देने की बाध्यता नहीं है और DA को मौलिक अधिकार मानने का प्रश्न भविष्य के लिए खुला रखा गया है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 5 February 2026, 12:28 PM IST

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