शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राघव चड्ढा का किया समर्थन, कहा- AAP को हो सकता है भारी नुकसान

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उनके समर्थन में सामने आए हैं। शंकराचार्य ने राघव को देश का एसेट बताते हुए कहा कि पार्टी को उनके खिलाफ उठाया गया कदम भारी पड़ सकता है। उन्होंने राघव के सदन में उठाए मुद्दों और जनता से मिलने वाले समर्थन की तारीफ की।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 9 April 2026, 6:19 PM IST
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New Delhi: आम आदमी पार्टी के लिए ये समय काफी संवेदनशील है। पार्टी ने हाल ही में अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। जानकारों की मानें तो राघव के बढ़ते राजनीतिक कदम और जनता के बीच उनके बढ़ते प्रभाव से कुछ नेताओं को दिक्कत थी। इसी बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले में सार्वजनिक रूप से राघव चड्ढा का समर्थन किया है। शंकराचार्य ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में साफ कहा कि राघव चड्ढा देश के लिए महत्वपूर्ण हैं और उन्हें पार्टी के अंदर से बाहर करने का निर्णय आम आदमी पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित होगा।

सदन में उठाई लोगों की आवाज

राघव चड्ढा ने सदन में हमेशा आम आदमी से जुड़े मुद्दों को उठाया। शंकराचार्य ने कहा कि देश के लोगों ने उनके काम की प्रशंसा की और उन्हें जनता का समर्थन भी मिला। लेकिन पार्टी के भीतर उनके बढ़ते कद को लेकर असंतोष था। शंकराचार्य ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि राघव का बढ़ता राजनीतिक प्रभाव कुछ नेताओं के लिए चुनौती बन सकता था, और इसलिए उनके खिलाफ कदम उठाए गए।

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व्यक्तिगत और आध्यात्मिक संबंध

शंकराचार्य ने इस बात का भी खुलासा किया कि हाल ही में उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। इस अवसर पर राघव चड्ढा आशीर्वाद लेने पहुंचे। इसके अलावा, 2024 में भी शंकराचार्य उनके घर पहुंचे और उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया। इस तरह के व्यक्तिगत और मधुर संबंधों ने दोनों के बीच विश्वास और सम्मान को मजबूत किया है। शंकराचार्य ने ये भी कहा कि अगर राघव को संसद में बोलने की अनुमति नहीं दी गई, तो जनता उन्हें किसी अन्य रास्ते पर भेज सकती है। इसका मतलब साफ है कि जनता और धर्मिक नेता दोनों ही राघव के पक्ष में हैं।

पार्टी और सांसद के बीच खटास

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राघव चड्ढा ने लंबे समय से आम आदमी पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी है। जब कोर्ट ने अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी किया, तब भी राघव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि पार्टी और राघव के बीच तालमेल कमजोर हुआ है।

Location :  New Delhi

Published :  9 April 2026, 6:19 PM IST

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