दिल्ली का सबसे चर्चित ‘मनहूस’ बंगला, 70 साल पुरानी कहानी में शुरू होने जा रहा नया अध्याय

दिल्ली की राजनीति में सत्ता, संयोग और अंधविश्वास की कई कहानियां प्रचलित हैं, लेकिन सिविल लाइंस स्थित 33 शमनाथ मार्ग का नाम आते ही एक अलग ही चर्चा शुरू हो जाती है। दशकों तक मुख्यमंत्री आवास के रूप में इस्तेमाल हुआ यह सरकारी बंगला राजनीतिक गलियारों में...

Updated : 16 June 2026, 5:18 PM IST
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New Delhi:दिल्ली की राजनीति में सत्ता, संयोग और अंधविश्वास की कई कहानियां प्रचलित हैं, लेकिन सिविल लाइंस स्थित 33 शमनाथ मार्ग का नाम आते ही एक अलग ही चर्चा शुरू हो जाती है। दशकों तक मुख्यमंत्री आवास के रूप में इस्तेमाल हुआ यह सरकारी बंगला राजनीतिक गलियारों में मनहूस बंगले के नाम से मशहूर रहा है। अब करीब 70 साल पुरानी इस इमारत की पहचान बदलने जा रही है और इसके साथ ही इसकी रहस्यमयी कहानी में एक नया मोड़ आने वाला है।

दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश का यह आधिकारिक आवास रहा था। इसके बाद जिन-जिन मुख्यमंत्रियों ने यहां निवास किया, उनका कार्यकाल किसी न किसी वजह से पूरा नहीं हो पाया। धीरे-धीरे यह धारणा बन गई कि इस बंगले में रहने वाला मुख्यमंत्री सत्ता में लंबे समय तक नहीं टिकता। राजनीतिक चर्चाओं और संयोगों ने इस पते को एक अलग पहचान दे दी।

दो दशक से लगभग खाली पड़ा था बंगला

इसी छवि के कारण पिछले करीब 20 वर्षों से इस बंगले का मुख्यमंत्री आवास के तौर पर इस्तेमाल लगभग बंद हो गया। सरकारें इससे दूरी बनाती रहीं और यह विशाल परिसर धीरे-धीरे राजनीतिक इतिहास का हिस्सा बनकर रह गया।

अब बनेगा आपदा प्रबंधन का आधुनिक केंद्र

दिल्ली सरकार अब इस बंगले को नई भूमिका देने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़ा अत्याधुनिक कार्यालय और कमांड सेंटर विकसित किया जा सकता है। इसके लिए ब्रिटिशकालीन भवन को ध्वस्त कर आधुनिक ढांचा तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह पता पहली बार राजनीतिक गतिविधियों के बजाय प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन गतिविधियों का केंद्र बनेगा।

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ब्रिटिश दौर की विरासत

बताया जाता है कि 33 शमनाथ मार्ग का निर्माण 1920 के दशक में हुआ था। दो मंजिला इस विशाल बंगले में चार बेडरूम, बड़ा ड्राइंग रूम, विशाल लॉन, फव्वारे और स्टाफ क्वार्टर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। दिल्ली विधानसभा के नजदीक होने के कारण इसे मुख्यमंत्री आवास के लिए आदर्श माना जाता था।

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क्या खत्म होगी 'मनहूस' बंगले की पहचान?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी इमारत का भाग्य से कोई संबंध नहीं होता, लेकिन भारतीय राजनीति में प्रतीकों और मान्यताओं का प्रभाव हमेशा देखा गया है। ऐसे में यदि 33 शमनाथ मार्ग प्रशासनिक केंद्र के रूप में नई पहचान हासिल करता है, तो संभव है कि वर्षों से जुड़ा "मनहूस बंगला" का टैग भी इतिहास बन जाए। दिल्ली की राजनीति में 33 शमनाथ मार्ग सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन, राजनीतिक संयोग और अंधविश्वास से जुड़ी एक ऐसी कहानी है, जो अब बदलाव की नई दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है।

Location :  New Delhi

Published :  16 June 2026, 5:18 PM IST

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