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प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब लोगों को सस्ती और आवश्यक दवाएं प्राप्त करने के लिए लंबी भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। सरकार मोबाइल फार्मेसी दुकानों यानी मोबाइल जन औषधि केंद्रों की शुरुआत करने जा रही है, जो सीधे लोगों के घरों और इलाकों तक दवाएं पहुंचाएंगे।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को आवश्यक और जीवन रक्षक जेनेरिक दवाएं समय पर उपलब्ध कराना है। यह दवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों के स्वास्थ्य खर्च में कमी आएगी। साथ ही यह पहल अस्पतालों पर बढ़ते बोझ को भी कम करने में मददगार साबित होगी।
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दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) ने इस योजना को लागू करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत निविदा आमंत्रण जारी किया गया है। चयनित एजेंसी को दिल्ली के विभिन्न चिह्नित स्थानों पर मोबाइल फार्मेसी वैन तैनात कर उनका संचालन करना होगा।
इस पहल के तहत विशेष रूप से जेजे क्लस्टर, झुग्गी-झोपड़ी इलाकों, पुनर्वास कॉलोनियों और बाहरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक अंतिम छोर तक दवा वितरण सेवा पहुंचाई जाएगी। आबादी के आधार पर मोबाइल वैन के रूट तय किए जाएंगे ताकि अधिकतम लोगों को लाभ मिल सके।
मोबाइल फार्मेसी वैन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगी। इनमें जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे उनकी निगरानी की जा सकेगी। दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए उचित व्यवस्था होगी और कोल्ड चेन सुविधा के तहत दवाओं को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा जाएगा।
लोगों की सुविधा के लिए इन वैन में डिजिटल बिलिंग सिस्टम होगा। ग्राहक यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड जैसे माध्यमों से भुगतान कर सकेंगे। इसके साथ ही दवाओं के स्टॉक को ट्रैक करने के लिए इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू किया जाएगा।
हर मोबाइल फार्मेसी वैन में एक पंजीकृत फार्मासिस्ट और सहायक स्टाफ मौजूद रहेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों को सही दवाएं और उचित मार्गदर्शन मिल सके।
सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। केवल मानकों के अनुरूप जेनेरिक दवाएं ही बेची जाएंगी। एक्सपायर्ड या घटिया दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस संबंध में चयनित एजेंसियों को शपथ पत्र भी देना होगा।
इस परियोजना के लिए चयनित एजेंसी को 30 वर्षों का अनुबंध दिया जाएगा। प्रदर्शन के आधार पर इस अनुबंध को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह पहल न केवल सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी बल्कि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाएगी।
दिल्ली सरकार की यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक प्रभावी और समावेशी बनेगी।
Location : New Delhi
Published : 29 April 2026, 8:15 AM IST