रेलवे के सबसे व्यस्त रूटों पर बड़ा बदलाव, इन 11 हजार किमी को फोर-लेन करने की तैयारी

भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त रूटों को फोर-लेन करने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने 7 हाई-डेंसिटी रेल कॉरिडोर पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की दिशा में 20,804 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। योजना के तहत करीब 11 हजार किलोमीटर रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने का लक्ष्य है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 9 September 2026, 4:48 PM IST
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New Delhi : भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त रूटों पर आने वाले समय में ट्रेनों की रफ्तार और संचालन दोनों बदलने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में हाई-डेंसिटी रेल कॉरिडोर को मल्टी-ट्रैक करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। इसके तहत देश के 7 प्रमुख रेल रूटों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। सरकार की योजना धीरे-धीरे करीब 11 हजार किलोमीटर रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की है। इससे इन रूटों पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी और मालगाड़ियों तथा यात्री ट्रेनों के संचालन में बेहतर तालमेल हो सकेगा।

7 बड़े रूटों पर बढ़ेगी पटरियों की संख्या

इस योजना में देश के सबसे ज्यादा व्यस्त रेल कॉरिडोर शामिल किए गए हैं। इनमें कोलकाता-दिल्ली, दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी रूट शामिल हैं। इन रूटों पर अतिरिक्त लाइनें बिछाकर ट्रैक क्षमता बढ़ाई जाएगी।

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कैबिनेट ने शुरुआती परियोजनाओं के लिए 20,804 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इनमें खड़गपुर से झारसुगुड़ा के बीच 367 किलोमीटर हिस्से में चौथी लाइन का काम भी शामिल है। इस परियोजना पर करीब 6,528 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

एक ही ट्रैक पर नहीं रहेगा इतना दबाव

फिलहाल कई व्यस्त रेल रूटों पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों का भी संचालन होता है। इससे ट्रैक पर दबाव बढ़ता है और ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ सकता है। अतिरिक्त पटरियां बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियों के लिए संचालन को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

नई ट्रेनों के लिए भी बढ़ेगी क्षमता

रेलवे के हाई-डेंसिटी रूट नेटवर्क का हिस्सा भले ही सीमित है लेकिन इन पर ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अतिरिक्त लाइनें बनने से मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी। इससे भविष्य में नई ट्रेनों को चलाने, ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और माल ढुलाई को तेज करने के लिए भी रेलवे को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी।

Location :  New delhi

Published :  9 September 2026, 4:47 PM IST

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