‘हम किसी तरह जान बचाकर भागे…’ जम्मू-कश्मीर में 14 जगहों पर फटे बादल, कुदरत के खौफनाक तांडव से मचा हाहाकार

जम्मू-कश्मीर में 14 जगहों पर बादल फटने से भयंकर तबाही मची है। राजौरी में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि घर, गाड़ियां और बस स्टैंड सैलाब में बह गए। फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

Updated : 20 August 2026, 10:39 AM IST
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Rajouri: जम्मू-कश्मीर में मौसम के विकराल रूप ने भारी तबाही मचा दी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ 14 जगहों पर बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) की दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा दिया है। अचानक आई इस विनाशकारी बाढ़ और सैलाब की चपेट में आकर कई घर, दर्जनों गाड़ियां और पूरा बस स्टैंड मलबे और पानी में विलीन हो गए। इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

राजौरी बना तबाही का केंद्र, चार लोगों की दर्दनाक मौत

इस प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा और वीभत्स नुकसान राजौरी जिले में देखने को मिला है। बुधवार तड़के जिले के थानामंडी सब-डिविजन के अंतर्गत आने वाले राजधानी पंचायत क्षेत्र में अचानक आसमान से मौत बनकर पानी बरसा। यहां बादल फटने से आए सैलाब ने कुछ ही पलों में सब कुछ उजाड़ दिया। आधिकारिक और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस खौफनाक हादसे में चार बेकसूर लोगों की जान चली गई। रिहायशी इलाकों में पानी और बड़े-बड़े पत्थरों के सैलाब ने कोहराम मचा दिया, जिससे स्थानीय लोगों में सिहरन पैदा हो गई है।

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नदी की दहाड़ और पत्थरों की गड़गड़ाहट: पीड़ितों की जुबानी खौफनाक रात

आपदा के उस खौफनाक मंजर को याद कर पीड़ितों का कलेजा कांप उठता है। स्थानीय निवासी अब्दुल गनी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि रात के करीब 3:00 से 3:45 बजे के बीच अचानक बादलों के फटने से जलप्रलय आ गया। नदी के उफान की दहाड़ और पत्थरों के आपस में टकराने की भयानक आवाजें गूंज उठीं। गनी का पूरा परिवार घर के अंदर था, लेकिन सूझबूझ दिखाते हुए वे किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे। हालांकि, देखते ही देखते उनका पूरा आशियाना आंखों के सामने सैलाब में बह गया। अब इस बेघर हुए परिवार को मजबूरन एक सरकारी स्कूल में शरण लेनी पड़ी है।

मलबे में तब्दील बुनियादी ढांचा, बस स्टैंड और गाड़ियां स्वाहा

बादल फटने के बाद पहाड़ों से नीचे उतरे मलबे और पानी के तेज बहाव ने राजौरी के इंफ्रास्ट्रक्चर को तहस-नहस कर दिया है। मुख्य बस स्टैंड पूरी तरह से बह चुका है, और वहां खड़ी दर्जनों गाड़ियां पानी के साथ बहकर दूर जा गिरीं। पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भारी रुकावट आ रही है। कृषि योग्य उपजाऊ जमीन और फसलें भी पानी में समा गई हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

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पहाड़ी इलाकों में खौफ का माहौल

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में इतनी भयानक और डरावनी फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) कभी नहीं देखी थी। एक साथ 14 स्थानों पर बादल फटने की इन घटनाओं ने पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक संवेदनशीलता और जलवायु में आ रहे खतरनाक बदलावों को उजागर कर दिया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन लगातार खराब मौसम और मार्गों के बंद होने के कारण प्रभावित इलाकों तक पूरी तरह मदद पहुंचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस विनाशकारी आपदा ने घाटी के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

Location :  Rajouri

Published :  20 August 2026, 10:39 AM IST

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