कश्मीर पर सर्जियो गोर की टिप्पणी से तिलमिलाया पाकिस्तान, अमेरिकी राजनयिक को तलब कर जताया कड़ा विरोध

कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की टिप्पणी से पाकिस्तान नाराज हो गया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताते हुए अपने पुराने रुख को दोहराया। विवाद के बीच अमेरिका की कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की चर्चा भी फिर सामने आई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 August 2026, 10:14 AM IST
google-preferred

New Delhi: कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बुधवार को कूटनीतिक तनाव बढ़ गया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस्लामाबाद में एक अमेरिकी राजनयिक को तलब किया और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने गोर के बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए उसे खारिज कर दिया।

जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने पर आपत्ति

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वह जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने की टिप्पणी की कड़ी निंदा करता है। पाकिस्तान ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताया और कहा कि इसके अंतिम समाधान का आधार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाएं होनी चाहिए।

हालांकि, भारत का रुख इसके बिल्कुल विपरीत है। भारत लगातार जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताता रहा है और इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता।

Agra News: बारिश ने उजागर किया स्मार्ट सिटी आगरा का सच! एयरपोर्ट जाने वाली सड़क धंसी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

2025 के सैन्य टकराव के बाद बढ़ी थी मध्यस्थता की चर्चा

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के बाद अमेरिका की ओर से दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश को लेकर चर्चा हुई थी। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में अपनी भूमिका का दावा करते हुए कश्मीर मुद्दे पर भी दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की बात कही थी।

ट्रंप ने कहा था कि वह भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर लंबे समय से चले आ रहे कश्मीर विवाद का समाधान तलाशने की कोशिश करेंगे।

‘बाबू’ शब्द ने खोला राज! 10वीं के छात्रों ने प्रिंसिपल को 27 बार घोंपा चाकू, फिर शुरू कर दी अय्याशी की पार्टी

अमेरिकी विदेश विभाग ने भी दिया था बयान

ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश को लेकर जब अमेरिकी विदेश विभाग की तत्कालीन प्रवक्ता टैमी ब्रूस से सवाल किया गया था, तो उन्होंने ट्रंप की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार किया था। हालांकि, उन्होंने कहा था कि ट्रंप ऐसे पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने में सफल रहे हैं, जिनके बीच बातचीत की संभावना पहले कम मानी जाती थी।

उन्होंने उम्मीद जताई थी कि कश्मीर जैसे लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का भी कोई समाधान निकाला जा सकता है।

बयान के बाद फिर आमने-सामने आए पाकिस्तान-अमेरिका

सर्जियो गोर की टिप्पणी के बाद पाकिस्तान का अमेरिकी राजनयिक को तलब करना दोनों देशों के बीच कूटनीतिक असहमति को सामने लाता है। वहीं, कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के रुख में पहले से ही गहरा मतभेद है। अब अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर एक नया कूटनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

Location :  New Delhi

Published :  20 August 2026, 10:14 AM IST

Advertisement