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देवभूमि पर कुदरत का कहर (Img- X)
Mussoorie: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन के साथ-साथ राज्य की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों पर भी ब्रेक लगा दिया है। पहाड़ों से गिरते मलबे और खिसकती जमीन के कारण कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण संपर्क मार्ग पूरी तरह ठप्प हो चुके हैं।
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे गंभीर असर मसूरी और चीन सीमा को जोड़ने वाले रणनीतिक रास्तों पर पड़ा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय आवाजाही दोनों प्रभावित हुई हैं।
पर्यटन शहर मसूरी के पास हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। गुरुवार को मसूरी-चकराता हाईवे पर गश्ति बैंड (कर्नल विला के पास) की सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क पर गहरी और चौड़ी दरारें आ जाने के कारण इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया गया है।
फिलहाल, मसूरी आने और जाने वाले वाहनों को अगलाड, थत्युड और सुवाखोली के लंबे व वैकल्पिक रास्तों से होकर निकाला जा रहा है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उधर, पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा को भारत से जोड़ने वाले टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर कूलागाड़ पुल अचानक टूट जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों का संपर्क कट गया है। सामरिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण इस रास्ते को बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) दिन-रात काम कर रहा है।
बीआरओ की टीमें कूलागाड़ में बड़े-बड़े पत्थर बिछाकर रैंप तैयार करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम ने साथ दिया तो अगले 5 से 6 घंटों में यहां से हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
कूलागाड़ में मार्ग बाधित होने के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा पर भी इसका असर देखा जा रहा है। यात्रा का नौवां दल फिलहाल गुंजी में सुरक्षित ठहराया गया है, जिसे कूलागाड़ के रास्ते की स्थिति का जायजा लेने के बाद ही धारचूला के लिए रवाना किया जाएगा।
इस बीच, स्थानीय ग्रामीण जोखिम उठाकर पैदल ही आवाजाही करने को मजबूर हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों से बेहद सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
Location : Mussoorie
Published : 20 August 2026, 11:02 AM IST